अपना लक्ष्य-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना।

तय है होना सफल तुम्हारा, रख हिम्मत गहना।

बस कदम बढ़ाकर चलना है, कभी नहीं रुकना।

आएगी बाधाएँ पर तुम, नहीं कभी झुकना।।

दृढ़ निश्चय से डटे रहो तुम, लाख पड़े सहना।

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना।।०१।।

सहज प्राप्त हो दुनिया में सब, दुःख बहुत सहते।

जीवन ही संघर्ष भरा है, ऐसा सब कहते।।

धीरज रखकर संघर्षों में, पड़े नहीं दहना।

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना।।०२।।

सृजन नवल पथ करके तुमको, है नायक बनना।

अपनाए पदचिह्न तुम्हारा, सोच वही जनना।।

कदम तुम्हारा मंजिल चूमे, सबका है कहना।

लक्ष्य सुनिश्चित रखकर हर-पल, तुम बढ़ते रहना।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला

बिहटा, पटना, बिहार।

संपर्क – 9835232978

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