
खुश होने के बाद सभी को रोना होता है
वो ही होता है पगले!जो होना होता है।।
स्नेह दीप मानव की पूंजी,इसको सदा जलाना
अंतर्मन के भीतर देखो,विष को नहीं बसाना
पुष्प की खातिर बीज पुष्प के बोना होता है।।
माना उलझन भरी पड़ी है,पर तुम मत घबराना
अपनी शक्ति जान के बंधु,अपने पांव बढ़ाना
कुछ पाने की खातिर कुछ तो खोना होता है ।।
जिस कंधे पर सिर रखोगे,वो ही काट गिराएगा
सीधे रस्ते से भटकाकर,गलत राह बतलाएगा
बोझ स्वयं का स्वयं के कंधे ढोना होता है।।kkhush hone ke baad
डॉ स्वराक्षी स्वरा
खगड़िया,बिहार

