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🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏
विधा:-जलहरण घनाक्षरी
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा,
करें शुभ कार्य सदा,
सनातन परंपरा,है सदियों से अचल।
नूतन विचार आए,
खुशियाँ बटोर लाए,
विधिवत पूजा करें,रहे भाव अविचल।
धर्म से विभेद कहाँ,
करम का साथ यहाँ,
बिछ गये प्रेम जाल,हुए नयन सजल।
पुष्पांजलि से अर्चना,
शंखनाद से गर्जना,
नवरात्र बीत रहे,विश्व धम्म सकुशल।
एस.के.पूनम

