बाल कविता
माय जाऐब हमहूँ स्कूल ,
हम छि बगियाक सुन्दर फूल ।
पढ़ब – लिखब हम नाम कमाऐब,
मात – पिताक प्रतिष्ठा सँ बढ़ाऐब ।
अनपढ़ रहबाक बड़का अछि भूल,
ज्ञानी होएबाक अछि संसारक मूल ।
हमहूँ आखर बोध कराऐब,
ककहरा सीख कँ गणित बनाऐब ।
भाषाक ज्ञान केर महत्ता जानि,
अप्पन बुद्धिक – ज्ञान पहिचानि ।
पुस्तकक संग हमहूँ प्रीति लगाऐब,
पढ़ि – लिख केर हम साहेब कहलाऐब ।
शिक्षाक महत्ता सब केर बताऐब,
पढ़ब हमहूँ आ सबके पढ़ाऐब ।
शिक्षाधन अछि सब सँ महान,
करैत अहि सकल जगत कल्याण
प्रेषक :- आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी, जिला – दरभंगा
बिहार
आशीष अम्बर


