In the love, In the hate In this mystic world Some people will love you Some people will hate you Both will[...]
Category: बालपन की कविताओं का संकलन
बिहार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के लिए जाना जाता है। यहाँ की लोकभाषाएँ—
भोजपुरी, वज्जिका, मगही, मैथिली, अंगिका, बज्जिका, कुरमाली, खोरठा, पंचपरगनिया आदि—न केवल हमारी पहचान हैं, बल्कि हमारी परंपराओं, भावनाओं और जीवन शैली की जीवंत अभिव्यक्ति भी हैं।
इन्हीं लोकभाषाओं को संरक्षित और समृद्ध करने के उद्देश्य से NCERT द्वारा बाल साहित्य (विशेषकर बाल कविताओं) के संकलन की एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, जिसमें Teachers of Bihar सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
Nothing teaches you betterNothing teaches you better
Nothing Teaches you Better Nothing teaches you better than these fives The years The fears The tears The jeers[...]
You Meet the PeopleYou Meet the People
you Meet the people You meet the people you are meant to meet not by accident not by chance but[...]
अंगिका कविता ‘नानी घर जैबय’अंगिका कविता ‘नानी घर जैबय’
नानी घर जैबय अबकी गरमी छुट्टी हमहु, नानी घर जैबय। नानी-नाना साथे हमहु, नदी में नहैबय।। नदी में नहैबय अउरो,[...]
कर्मठ बालककर्मठ बालक
कर्मठ बालक प्रखर तेज सा निखरो बल शाली बन उभरो । रूको ना कही पर ना टूटो ना बिखरो। बुलंदियों[...]
बाल लोरीबाल लोरी
बाल लोरी तू विधि का अमूलय निधि मेरे प्राणों से भी प्यारे । अब तू सो जा मेरे राज[...]
एक क्षणएक क्षण
एक क्षण चाहिए नव सृजन के लिए ( गीत) एक क्षण चाहिए नव सृजन के लिए । भावनाओं के नव[...]
लोरीलोरी
स्वरचित एवं मौलिक रचना रचनाकार – योगेश कुमार पाण्डेय उ० मा० वि०, तुमकड़िया, बैरिया 8851142751 1. “दिल मोरा घबराए[...]
बालगीत : क्रिकेटबालगीत : क्रिकेट
** क्रिकेट ** आओ खेलें खेल क्रिकेट, बीच में गाड़ो तीन विकेट। आपस में दो टीम बनाकर, फील्डिंग कर लो[...]
