Category: बालपन की कविताओं का संकलन

बिहार अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के लिए जाना जाता है। यहाँ की लोकभाषाएँ—
भोजपुरी, वज्जिका, मगही, मैथिली, अंगिका, बज्जिका, कुरमाली, खोरठा, पंचपरगनिया आदि—न केवल हमारी पहचान हैं, बल्कि हमारी परंपराओं, भावनाओं और जीवन शैली की जीवंत अभिव्यक्ति भी हैं।

इन्हीं लोकभाषाओं को संरक्षित और समृद्ध करने के उद्देश्य से NCERT द्वारा बाल साहित्य (विशेषकर बाल कविताओं) के संकलन की एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, जिसमें Teachers of Bihar सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

बालगीत : क्रिकेटबालगीत : क्रिकेट

0 Comments 3:43 pm

** क्रिकेट ** आओ खेलें खेल क्रिकेट, बीच में गाड़ो तीन विकेट। आपस में दो टीम बनाकर, फील्डिंग कर लो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

पढ़ेगा कौनपढ़ेगा कौन

0 Comments 3:42 pm

पढ़ेगा कौन   दीदी… पढ़ेगा कौन? दीदी… पढ़ेगा कौन?   दीदी नहीं पढ़ेगी तो, मुझको…पढ़ाएगा कौन? दीदी… पढ़ेगा कौन? दीदी…[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

होनहारहोनहार

0 Comments 3:41 pm

*होनहार* विद्यालय की घंटी अब सुबह-सुबह पुकारती है, नींद भरी आँखों में भी नई राह सँवारती है। बिस्तर से उठते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

गाँव मेरागाँव मेरा

0 Comments 3:38 pm

गांव मेरा भी अब मुस्कुराता नहीं ( ग़ज़ल) गांव मेरा भी अब मुस्कुराता नहीं। आह भरता मगर गुनगुनाता नहीं।। शब्द[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

जाऐब हमहूँ स्कूल ( मैथिली बाल कविता)जाऐब हमहूँ स्कूल ( मैथिली बाल कविता)

0 Comments 4:03 pm

बाल कविता माय जाऐब हमहूँ स्कूल , हम छि बगियाक सुन्दर फूल । पढ़ब – लिखब हम नाम कमाऐब, मात[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

लोड़ीलोड़ी

0 Comments 9:51 am

लोड़ी सोजा मेरा मुन्ना राजा सुनाऊँ मैं कहानी…. तेरे सपनों में आएगी परियों की रानी …… आजा निंदिया तू चुपके-से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

चलो रे साथी चलो चलोचलो रे साथी चलो चलो

0 Comments 9:47 am

चलो रे साथी चलो चलो… चलो चलो स्कूल चलो… चलो रे साथी चलो चलो… चलो चलो स्कूल चलो… उठाओ बस्ता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें