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दिवाली आई- गीतिका
कूड़ा-करकट करो सफाई।
है नजदीक दिवाली आई।।
कार्तिक लेकर शुभता आता।
सदियों से यह रीत निभाई ।।
साफ करें हम गली-मुहल्ला।
दीवारों की कर रंगाई।।
परिजन सबकी रखते आशा।
मिलकर खायें खूब मिठाई।।
चौका बर्तन खेल खिलौने।
और पटाखें शोर सुनाई।
धमा चौकड़ी मस्ती करिए।
पावस की हो गई विदाई।।
दीप जलाएँ खुशी मनाएँ।
छा गयी बरबस तरूणाई।।
आओ मन का तिमिर मिटाएँ।
रहे नही चित में रुसवाई।।
देता यह संदेश दिवाली।
समझे सबको भाई-भाई।।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

