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जन्म दिन कविवर,
गाएँ गुण मिलकर,
दिनकर उपनाम,
सभी विधा जानते।
जन्मे थे कृषक घर,
मिला मातु शुभ वर,
सूर्य-सा दैदीप्यमान,
राष्ट्र उन्हें मानते।
कवि दिव्य मन वाले
प्रतिभा जगत माने,
वीर रस मतवाले,
सभी पहचानते।
ओज भरे कविता में,
भाव लाए नमिता में,
रची है उर्वशी प्यारी,
साहित्य को ठानते।
देव कांत मिश्र ‘दिव्य’ मध्य विद्यालय धवलपुरा,सुलतानगंज, भागलपुर, बिहार

