वो प्यारा सा बचपन मेरा, वो मिट्टी के बरतन और कागज के नाव बनाना, कभी-कभी याद आ ही जाती है।[...]
Day: November 9, 2022
बालिका-शिक्षा – पामिता कुमारीबालिका-शिक्षा – पामिता कुमारी
बेटी पढाईला से कछु नय बिगरतै हे बाबूजी तोहर पगड़ी नय गिरतै। बेटी और बेटा में भेद नय करिहो, दोनो[...]
काली घटा – जय कृष्ण पासवानकाली घटा – जय कृष्ण पासवान
काली घटा छाई है नभ में, मौसम का रंग सुहाना है। धरती फूलों की हार है पहनी, वो हवा का[...]
बेटी – अरविंद कुमार अमरबेटी – अरविंद कुमार अमर
(1)-छै येहा धारना दूनिया के, बेटी पराई होते छै। पर बिना बेटियौ के जग में, तकदीर सब के सुतले छै।[...]
पाषाण की व्यथा – मो.मंजूर आलमपाषाण की व्यथा – मो.मंजूर आलम
रोक कर चौराहे पर बोला एक दिन मुझसे क्या तुम देख सकते हो? लथपथ हूं खून से मैं! छलनी है[...]
