Day: November 18, 2022

ADITI

मैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषणमैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषण

0 Comments 8:24 pm

हांं‌‌‍‍, हूं मैं एक अंतर्मुखी, रहती, हूं मैं स्वयं में सिमटी, कभी हूं मैं कविता मन के तरानों की, कभी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानीऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानी

0 Comments 8:16 pm

ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो कभी भी मेरी खोज नही करते तुम न हीं कभी कोई खैरियत पूछते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jaykrishna

दिल के आंसू -जय कृष्णा पासवानदिल के आंसू -जय कृष्णा पासवान

0 Comments 8:11 pm

दुनिया के हर सितम, मुझपे छलकती है । मगरूर है ज़माना देखो, क्या मजाक उड़ाती है।। “तपता है दिल मेरा”[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें