अक्षर – अक्षर बाँध सके, नहीं कोई है ऐसी भाषा! व्यक्त करे माँ की ममता को, [...]
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माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ माँ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
जन्म देकर कह रही माँ,पूज लो भगवान को। लग गया आघात पल में,आज तो “अनजान”को।। कर लिया ऐसा अगर मैं,छोड़कर[...]
अनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठकअनुपम है माँ की ममता-राम किशोर पाठक
अनुपम है माँ की ममता। अद्भुत रखती तन्मयता।। अर्पित हर-पल रहती है। बच्चों का दुख हरती है।। चलना वह सिखलाती[...]
बाल शोषण-राम किशोर पाठकबाल शोषण-राम किशोर पाठक
अम्मा कहती प्यारी हूँ मैं। छवि तेरी ही धारी हूँ मैं।। फिर शाला क्यों मुझे न भेजी। रखती घर में[...]
मुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठकमुझको कान्हा आज बनाओ -राम किशोर पाठक
अम्मा कुछ मुझको बतलाओ। मुझको कान्हा आज बनाओ। जो चाहूँ वह दे दो मुझको। ऐसे कभी नहीं तड़पाओ।। मैं भी[...]
माँ – रूचिकामाँ – रूचिका
जीवन की कड़ी धूप में शीतलता का एहसास, माँ हर रिश्तों से है जुदा बेहद हीं खास, माँ जीवन की[...]
माँ – रत्ना प्रियामाँ – रत्ना प्रिया
माँ माँ, पास बैठो न, ममता भरी गोद में, वात्सल्य की मोद में , सुख-शांति का अनुभव करने दो न[...]
माँ की याद- संजय कुमारमाँ की याद- संजय कुमार
बहुत याद आती है माँ तुम्हारी अब वो आँचल कहाँ से लाऊँ, जहाँ छुपाकर हर दुख से मुझे बैठकर आपने[...]
लोक-लज्जा- अवनीश कुमारलोक-लज्जा- अवनीश कुमार
ख़ून से लथपथ एक काया. फ़ेंका गया था लहरताल मे उपजी झाड़ियों मे रो रहा था शिशु बिलख-बिलख कर ईश्वरीय[...]
माँ और मायका – नीतू रानीमाँ और मायका – नीतू रानी
माँ से मायका पिता से सम्मान, ये दोनों के नहीं रहने से अपमान हीं अपमान। माँ है तो मायके के[...]
