Day: December 1, 2022

Jainendra

मनहरण घनाक्षरी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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पक्षियों ने पंख खोला,उड़ने से डाल डोला, सुगंधित मंद-मंद , बहता पवन है। सरसों के फूल खिले, खेत दिखे पीले-पीले,[...]

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S K punam

मनहरण घनाक्षरी:-“भोर”(खण्ड-1)- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी:-“भोर”(खण्ड-1)- एस.के.पूनम

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मनहरण घनाक्षरी:-“भोर”(खण्ड-1) भोर ने बुलाया जब,रवि दौड़ा आया तब, मिटा अंधकार सब,बुलाने में हित है। खाट छोड़ दिया तब,उजियारा हुआ[...]

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Amarnath Trivedi

जुड़ जाओ स्कूल से- अमरनाथ त्रिवेदीजुड़ जाओ स्कूल से- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:36 pm

बैठो न बेकार कभी भी, जुड़ जाओ स्कूल से । छोड़ स्कूल तू कुछ न पाओ , न जीवन को[...]

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Jaykrishna

यादें- जय कृष्णा पासवानयादें- जय कृष्णा पासवान

0 Comments 8:34 pm

एक -एक सिसकियां- फिजाओं की खुशबू बांट रहे थे। पल-पल इन्तजार उस धड़ी का मानों आंखें मचल रहे थे। किया[...]

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