घनाक्षरी छंद में (१) बागों में बहार आई, मन में उमंग छाई , भांति-भांति फूल देख, छूटे फुलझड़ियां। जहां भी[...]
Day: December 4, 2022
कलयुग सा संसार- नीतू रानीकलयुग सा संसार- नीतू रानी
ये है कलयुग सा संसार जिसमें है दुखों का भंडार, यहाँ लड़ाई-झगड़े रोज हैं होते होते हैं मारकाट। ये है[...]
मनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी- एस.के.पूनम
छंद:-मनहरण घनाक्षरी “सियाराम” पहनते पीताम्बर,सियाराम साथ-साथ, भोर उठे साथ चले,प्रीतम का प्रीत है। हाथ पकड़े सिया का,कभी न अलग हुआ,[...]
दोहे- अमरनाथ त्रिवेदीदोहे- अमरनाथ त्रिवेदी
जीव न काटे काल को ; कालहि काटे जीव , दुनिया ऐसी सिमट गई , पड़ा द्वंद्व में जीव ।[...]
जिंदगी का सफ़र- जयकृष्णा पासवानजिंदगी का सफ़र- जयकृष्णा पासवान
घटा बनके मस्त गगन में, कजरी संग झूम जाता है। “राहों के मुसाफिर” यादों में बहकर।। सपनों का ख़्वाब सजाता[...]
बाल पहेलियां- मीरा सिंह “मीरा”बाल पहेलियां- मीरा सिंह “मीरा”
1 देखो दौड़े-दौड़े आएं सभी दिशा में हैं छितराएं कहीं कुछ भी नजर ना आए धुंधली धुंधली सभी दिशाएं।। 2[...]
