Day: May 2, 2025

ram किशोर

सबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठकसबको गले लगाएँ हम – राम किशोर पाठक

0 Comments 7:54 pm

विधा: गीतिका भटके को राह दिखाएँ हम, सबको गले लगाएँ हम। कलुष भाव के घोर तिमिर में, प्रेम-पुंज फैलाएँ हम।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’छंद चौपई – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:51 pm

रीढ़ देश की हैं मजदूर। नेह सुधा सुख दें भरपूर।। नित्य बहाते श्रम का स्वेद। मन में कभी न रखते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Girindra Mohan Jha

सनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झासनातन धर्म – गिरीन्द्र मोहन झा

0 Comments 7:50 am

धर्म जिसे कहते हैं। वह सनातन, शाश्वत, परित: है। धर्म वह है, जिससे हो, सबका सर्वांगीण विकास। सद्गुणों को धारण[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu Raman Chetna

सुनो-सुनो मजदूर हूँ मैं – मनु कुमारीसुनो-सुनो मजदूर हूँ मैं – मनु कुमारी

0 Comments 7:48 am

सिर पर भारी बोझ उठाएँ। दर्द सहें पर न घबराएँ। दो जून की रोटी पर हीं , मन में रखता[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें