है लोकतंत्र की महिमा न्यारी। चलती जिससे संविधान प्यारी।। सबने बदली अब दुनियादारी। लूट रहे धन कहकर सरकारी।। लेकर सारे[...]
Day: November 2, 2025
सामा गीत -नीतू गीतसामा गीत -नीतू गीत
सामा गीत तर्ज -दुल्हिन धीरे-धीरे चलियौ ससुर गलिया— सामा खेलूँ हे बहिना भैया के अंगना सामा कौने भैया जेता काशी[...]
तुलसी विवाह -नीतू रानीतुलसी विवाह -नीतू रानी
विषय -तुलसी विवाह विवाह गीत मंगल मय दिन आजु हे छीयैन तुलसी के विवाह, परल नग्र हकार हे मन कमल[...]
निद्रा -बैकुंठ बिहारीनिद्रा -बैकुंठ बिहारी
निद्रा कभी वास्तविक कभी काल्पनिक होती है यह निद्रा। कभी प्रसन्नता कभी निराशा देती है यह निद्रा। कभी साहस कभी[...]
गृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठकगृह लक्ष्मी पत्नी – राम किशोर पाठक
गृह लक्ष्मी पत्नी – कुंडलिया लक्ष्मी है पत्नी सदा, सुखकारी लो जान।जिसको मैंने वर लिया, रखती सबका ध्यान।।रखती सबका ध्यान,[...]
निष्पक्ष चुनाव को -जैनेन्द्र प्रसादनिष्पक्ष चुनाव को -जैनेन्द्र प्रसाद
निष्पक्ष चुनाव को मनहरण घनाक्षरी छंद में कुशल हो चाहे मांँझी, चाहे नहीं चले आंँधी, छोटा सा भी एक छेद,[...]
आओ उठकर – रामकिशोर पाठकआओ उठकर – रामकिशोर पाठक
आओ उठकर – बाल कविता (वासुदेव छंद) अम्मा हँसकर, बोल गयी। मन में मधुरस, घोल गयी।। उठ आओ अब, भोर[...]
