होली गाए रे मचल-मचल के भ्रमर कुमुदिनी में छुप जाए रे। आज पपीहा कूक मधुर सी होली गाए रे।। कलियाँ[...]
Day: February 3, 2026
ग़जल-रामपाल प्रसादग़जल-रामपाल प्रसाद
ग़ज़ल दूर कितना मगर चलेंगे हम। दिख रहा है शहर चलेंगे हम।। शीत अब छोड़ है गया मग को। दिख[...]
प्रेम- रामकिशोर पाठकप्रेम- रामकिशोर पाठक
प्रेम – सरसी छंद गीत प्रेमिल रहना चाहत सबकी, उलझन में संसार। करते सब हैं प्रेम जगत में, सबके अलग[...]
बच्चो तुम प्रश्न पूछो – गिरींद्र मोहन झाबच्चो तुम प्रश्न पूछो – गिरींद्र मोहन झा
बच्चों तुम प्रश्न पूछना ! बच्चों तुम प्रश्न पूछना शिक्षकों से, गुरुजनों से, माता-पिता से, गूगल से, अपने वरेण्य जनों[...]
मंगल रामपाल प्रसाद सिंहमंगल रामपाल प्रसाद सिंह
मनहर घनाक्षरी। मंगल नीले-नीले नभ नीचे,हरियाली नैन खींचे, मटर की छिमियों में,स्वाद बलवान है। सर्षप के आसपास,अलसी बसी है खास,[...]
गांधी: देह नहीं, एक विचारगांधी: देह नहीं, एक विचार
यह केवल एक तारीख नहीं, यह आत्मा का मौन है। आज भारत सिर झुकाकर कहता है— बापू, आप अमर हैं, [...]
