प्रकृति की कल्पना कोमल, मधुर रस धार है नारी। नहीं नर से कहीं कम ,सृष्टि का श्रृंगार है नारी ।।[...]
Day: March 9, 2026
नारी- राम किशोर पाठकनारी- राम किशोर पाठक
नारी का सम्मान, हमें संस्कृति सिखलाती। जीवन की हर राह, हमें नारी ही दिखलाती।। देती जब यह जन्म, दुग्ध से[...]
श्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठकश्याम नारी वेश में-राम किशोर पाठक
श्याम नारी वेश में। पुष्प डाले केश में।। माथ पर डलिया लिए। कान की बलिया लिए।। हार कंगण संग में।[...]
कलह-मनु कुमारीकलह-मनु कुमारी
प्रेम से बनता स्वर्ग सा घर है,कलह से बिखरता संसार। कलह से अगर बचना है तो, नि:स्वार्थ प्रेम कर रिश्तों[...]
देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’देवी अवतारी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
संसार की माता बन संतानों को पालती हैं, सृष्टि की कीमती रत्न, दुनिया में नारी है। घर हो या राजनीति [...]
