Day: April 23, 2026

Ram Kishore Pathak

लड़ी रह गई – रामकिशोर पाठकलड़ी रह गई – रामकिशोर पाठक

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लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]

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Girindra Mohan Jha

परोपकार – गिरींद्र मोहन झापरोपकार – गिरींद्र मोहन झा

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परोपकार आत्मप्रगति के संग जिनका हो परोपकारी जीवन, उन्हीं का जीवन धन्य है, है धन्य उन्हीं का मरण, अपनी जीवन-यात्रा[...]

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Chiteshwar Jha

क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमारक्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमार

0 Comments 7:56 am

क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम ? ​वो पीपल की ठंडी छाँव, अब बस यादों में बसती है, विकास के[...]

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