लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]
Day: April 23, 2026
परोपकार – गिरींद्र मोहन झापरोपकार – गिरींद्र मोहन झा
परोपकार आत्मप्रगति के संग जिनका हो परोपकारी जीवन, उन्हीं का जीवन धन्य है, है धन्य उन्हीं का मरण, अपनी जीवन-यात्रा[...]
क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमारक्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमार
क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम ? वो पीपल की ठंडी छाँव, अब बस यादों में बसती है, विकास के[...]
