Day: October 5, 2026

RAMPAL SINGH ANJAN

खो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजानखो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजान

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खो रही है अस्मिता को – रामपाल प्रसादसिंह अनजान है गिरी दीवार भारी, टूटता आधार से। रो रही सीता हमारी,[...]

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Jitendra Paswan

पुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवानपुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवान

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पुराने गौरव की बदली तस्वीर – जितेन्द्र पासवान क्या बखान करूँ इस धरती का, मेरे पास अब वो शब्द कहाँ।[...]

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Dharmendra

बच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरबच्चों की शरारत – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

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सुबह सवेरे बजती घंटी, खुल जाते विद्यालय के द्वार, मानो टूट पड़ा हो धरती पर, नन्हें वीरों का संसार। लाखों[...]

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श्रद्धांजलि – उमेश कुमार सिन्हाश्रद्धांजलि – उमेश कुमार सिन्हा

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पिता के संरक्षण में पुष्पित-पल्लवित, माता के संस्कारों के साँचे में ढली, लाड़ला हो या सुश्री लाड़ली, अपने चंचल चितवन[...]

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