पद्यपंकज padyapankaj,Teachers Of Bihar,ToB PadhyaPankaj मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र

मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र


Arvind Mishra Niraj

मातृनवमी मायक स्मृति – अरविन्द मिश्र

रे मीता मोन परै अछि माय,
कोन कठिन ब्रत तपकें ठानल,
देव पितर ककरा सँ मांगल।
हम नहि जानी कोना पोसिकें,
अक्षर देल सिखाय।
रे मीता मोन परै अछि माय।।
भेलौ ठेकनगर जखन तँ देखल,
मायक चिंता स्वत: परेखल।
कोना पढायव कतय स आनव,
अन्न बेसाहिकें पाय।
रे मीता मोन परै अछि माय।।
पढलहुँ लिखलहुँ पुनि श्रम केलहुँ,
श्रमक उचित फल व्यर्थ गमेलहुँ।
पुत्रक अर्जल माय ने भोगल,
व्यर्थ भेल कमाय।
रे मीता मोन परै अछि माय।।

                 अरविन्द मिश्र   "नीरज" (कवि जी), सहरसा
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