अहिल्याबाई होल्कर-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

वीरों की गाथाओं में है, एक पुराना नाम।

वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।।

महाराष्ट्र साम्राज्य मराठा, चौंड़ी नामक गाँव।

खण्डेराव संगिनी प्यारी, माहेश्वर थी ठाँव।।

सीमाओं के बाहर तक की, जनसहयोगी काम।

वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।।०१।।

कुएँ और बावड़ियाँ जिसने, करवाया निर्माण।

अन्न-क्षेत्र भूखों को खोली, करती जन कल्याण।।

लिंग स्थापना विश्व नाथ का, काशी मनहर धाम।

वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।।०२।।

महिलाओं को आगे लाकर, करती उन्हें सशक्त।

शिक्षा कौशल अर्थ-व्यवस्था, कर्मशील अनुरक्त।।

जिसके जीवन का हर-पल ही, देता है पैगाम।

वीरांगना अहिल्याबाई, को हम करें प्रणाम।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क – 9835232978

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply