पद्यपंकज Bhawna,अनुभव अकेलापन-रिंजु कुमारी

अकेलापन-रिंजु कुमारी


Rinju Singh

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अकेलापन मन की उदासी है, एकांत स्वयं से मुलाकात,

एक में होती है अपनों की कमी, दूजे में खुद से बात।

अकेलापन भीतर खालीपन भरे, एकांत सुकून दे जाता है,

एक मन को बोझिल करता है, दूजा नई ऊर्जा जगाता है।

ज़मीन-आसमान का फ़र्क है दोनों में, कोई तन्हा करता है, तो कोई खुद से मिलाता है।

रिंजु कुमारी

फॉर्बेसगंज अररिया

बिहार

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