बैगलेस – अशोक कुमार

टी ओ बी ने रखा प्रस्ताव, सरकार ने किया स्वीकार| शनिवार अब बैगलेस होगा, रचनात्मक कार्यों से लैस होगा|| नई-नई गतिविधियां होगी, नई ऊर्जा का होगा संचार| नई-नई कौशल सीखेंगे,…

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

मनहरण घनाक्षरी वर्षा ऋतु आने पर, नदी नाले भरे जाते, आनंद से रहती है मछली तालाब में। लोगों की नज़र बीच, छिपाने से छिपे नहीं, असली छुपाते लोग चेहरा नक़ाब…

अदृश्य शक्ति -जयकृष्ण पासवान

कण-कण में तू व्याप्त है, निराकार बनके मौन । हर लम्हा होता महसूस तेरा, तेरे बिना उबारे कौन।। विश्वास फूल की माली बनी, सुगंध तेरा बसेरा। भंवरे तो परागन ले…