मनहरण घनाक्षरी “”””””””””””””””””””'” “डूबते को तिनके का” +++++++++++++ हजारों तारों के बीच, हमेशा चमकता है, जैसे आसमान बीच- एक ध्रुवतारा[...]
Author: Anupama Priyadarshini
अवकाश चाहिए -संजय कुमारअवकाश चाहिए -संजय कुमार
थकान जो उतार दे, मन के अवसाद का मुझे वैसी अवकाश चाहिए। भागम भाग भरे जीवन में यन्त्र बने हम[...]
दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली -देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
काया वह किस काम की, अगर न हो उपयोग। श्रम की ज्वाला में तपा, करिए तब उपभोग।। बुरा कर्म होता[...]
बगावत नहीं होती -डॉक्टर मनीष कुमार शशिबगावत नहीं होती -डॉक्टर मनीष कुमार शशि
भगवान की अदालत में वकालत नहीं होती, किसी के चिल्लाने से कयामत नहीं होती। जहाँ रहेंगे सच्चरित्र औ पक्के ईमानवाले,[...]
स्नेह -जयकृष्ण पासवानस्नेह -जयकृष्ण पासवान
हर रंग- रंग के अंग -अंग में, पावन रस भर जाता है। खुशियों की तू इत्र है मानो, रोम-रोम महक[...]
क्रोध के अतिरेक से बचें- मो.मंजूर आलमक्रोध के अतिरेक से बचें- मो.मंजूर आलम
गुस्सा…. हर किसी को है आता , यह स्वाभाविक भी है- लेकिन क्या आपको है पता ? यदि आप गुस्सा[...]
फुर्सत में बस्ता -रंजीता शर्माफुर्सत में बस्ता -रंजीता शर्मा
मटक मटक कर बस्ता आया आज खुशी से गुड़िया संग घर पर आया तनकर बोला स्कूल मे आया नया उमंग[...]
बाल दिवस- नवाब मंजूरबाल दिवस- नवाब मंजूर
नेहरू जी का जन्म दिवस बना बाल दिवस! था उन्हें बच्चों से स्नेह और प्यार लुटाते थे उन पर करूणा[...]
नटखट बचपन के दिन-अपराजिता कुमारीनटखट बचपन के दिन-अपराजिता कुमारी
बेफिक्री, बेपरवाहीयों के वे दिन चंचलता, शैतानीयों, शरारतों डांट डपट झिड़कियों उलाहनों उटपटांग हरकतों से भरे दिन ढेरों मिठी मिठास[...]
कुदरत का कहर- जय कृष्णा पासवानकुदरत का कहर- जय कृष्णा पासवान
कुदरत किया कहर वर्षाया, प्रकृति संपदा बचाने को । “स्वच्छ मन पावन रिश्ता” निर्मल गंगा बहाने को ।। पाप की[...]
