Author: Anupama Priyadarshini

Nawab

तितली प्यारी- नवाब मंजूरतितली प्यारी- नवाब मंजूर

0 Comments 7:57 pm

आ री आ री तितली प्यारी सुंदर मनहर तितली न्यारी रंग बिरंगे पंखों वाली उड़े चाल मतवाली इस डाल से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

मनहरण घनाक्षरी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:52 pm

प्राण संग दुनिया से कर्म धर्म साथ जाते, केवल मानव तन जलता है आग़ में। दीप संग तेल जले परवाना[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ADITI

मैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषणमैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषण

0 Comments 8:24 pm

हांं‌‌‍‍, हूं मैं एक अंतर्मुखी, रहती, हूं मैं स्वयं में सिमटी, कभी हूं मैं कविता मन के तरानों की, कभी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nitu Rani

ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानीऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो -नीतू रानी

0 Comments 8:16 pm

ऐ इंसान तुम इंसानियत क्यों भूलते हो कभी भी मेरी खोज नही करते तुम न हीं कभी कोई खैरियत पूछते[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jaykrishna

दिल के आंसू -जय कृष्णा पासवानदिल के आंसू -जय कृष्णा पासवान

0 Comments 8:11 pm

दुनिया के हर सितम, मुझपे छलकती है । मगरूर है ज़माना देखो, क्या मजाक उड़ाती है।। “तपता है दिल मेरा”[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Awanish Kumar Avi

माँ की वेदना – अवनीश कुमार ‘अवि’माँ की वेदना – अवनीश कुमार ‘अवि’

0 Comments 9:47 pm

है कलयुग ,पाप चारो ओर छा रहा रावण ,कंस, दुःशासन पग पग डोरे डाल रहा धरती की रूह ,है काँप[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nawab

जल संरक्षण – नवाब मंजूरजल संरक्षण – नवाब मंजूर

0 Comments 9:05 pm

है जरूरी क्योंकि अनमोल है जीवन आपका मेरा सबका विशालकाय जीव और तुच्छ का! शरीर भी बना है इसका जीवन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

मैं भारत ज्ञान प्रदाता हूँ- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’मैं भारत ज्ञान प्रदाता हूँ- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:54 pm

मैं भारत, ज्ञान प्रदाता हूँ। प्रज्ञा की ज्योति जलाता हूँ।। अपनी संस्कृति, सबसे सुंदर, यह जन-जन को बतलाता हूँ। मैं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Nawab

पीएम पोषण योजना- नवाब मंजूरपीएम पोषण योजना- नवाब मंजूर

0 Comments 8:49 pm

भोजन करते बच्चे लगते कितने अच्छे एक कतार में एक पंगत में अपने मित्रों के संगत में खा रहे हैं[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें