बिहार: संस्कृति का समृद्ध सार – सुरेश कुमार गौरव

राजगृह की पावन वादियाँ, ऋषियों की तपभूमि, गृद्धकूट की चोटी बोले, बुद्ध की अमिट प्रतीति। सप्तधाराएँ बहती जातीं, गूंजे जहां ज्ञान-विचार, हे मगध! तू गौरव-गाथा, तू भारत का उद्गार। बोधगया…

शिक्षक हूॅं बिहार का – राम किशोर पाठक

शिक्षक हूॅं बिहार का, ज्ञान के विस्तार का। बच्चों का भविष्य मैं, मार्ग हूॅं संसार का।। अलख जगाता रहता, सबमें सदाचार का। बच्चों में विचार का, कक्षा नवाचार का।। प्रतीक…

प्रेम की शक्ति – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

आओ मिल हम गायें सब गीत, है प्रेम की रीत सुहावनी भाई। प्रेम की शक्ति अपार सुनो, इस शक्ति से पार न दूजो है पाई।। ढाई है आखर प्रेम सुनो,…

समरसता हो सदा सभी में – मनु कुमारी

समरसता हो सदा सभी में, शास्त्र यही बतलाता है। शांति और सद्भाव बनाकर,मानव बस यह पाता है।। मीठी बोली कड़वेपन का,भाव सभी हर लेता है। रोती अंखियों में ना जानें,…

मोबाईल की लत – नीतू रानी

मोबाईल की लत, लोग रहते मोबाईल में व्यस्त। मोबाईल की लत, बड़ा जबरदस्त। जबसे लिया मोबाईल, लाया नया स्माइल। मोबाईल आया हाथ, छूट गया सबका साथ। मोबाईल का हुआ अवतार,…

मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ

मैं बदलाव की बयार हूँ निरंतर व्यवस्था-सुधार हूँ कर्तव्य पथ पर सवार हूँ मैं “टीचर्स ऑफ बिहार” हूँ ज्ञान का अलख जगाता हूँ हर बच्चे में दीप जलाता हूँ आशाओं…

हिंदी है भारत की वाणी – सुरेश कुमार गौरव

हिंदी है भारत की वाणी, इससे है पहचान पुरानी। गूँजे इसके मीठे बोल, सजे इसमें भाव सुहानी॥ हिंदी से नाता जोड़ा, हर मन में प्रेम उभारा॥ माँ ने इससे बात…