Author: Anupama Priyadarshini

Jainendra

अभिलाषा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अभिलाषा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 11:22 pm

महीनों के बाद मिला ये फल मेहनत का, हरा-भरा खेत देख, हँसता किसान है। बाँध और क्यारियों में लबालब पानी[...]

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Sanjiv Priyadarshi

श्रम का मोल – संजीव प्रियदर्शीश्रम का मोल – संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 11:21 pm

श्रम तो है अनमोल जगत में महिमा इसकी अतुल-अपार जिसने मूल पहचाना इसका कदमों में पाया निखिल संसार श्रम ईश्वर[...]

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S K punam

शिल्पजीवी को सत्कार – एस.के.पूनम।शिल्पजीवी को सत्कार – एस.के.पूनम।

0 Comments 11:18 pm

विश्व धरा सृष्टिकर्ता, अद्भुत हैं विश्वकर्मा, दुनिया है अलंकृत,नमस्कार बारम्बार। श्रमसाध्य साधना के, अनन्त बधाइयों में, प्रणम्य प्रणेता को है[...]

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हरितालिका तीज व्रत- डॉक्टर मनीष कुमार शशिहरितालिका तीज व्रत- डॉक्टर मनीष कुमार शशि

0 Comments 11:17 pm

हरी चुनर हरी है चूड़ी , सुहागन कर श्रृंगार। हिना हरी है काया कंचन, गीत गाये मल्हार॥१॥ भाद्रपद तृतीया तिथि[...]

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Snehlata

हे शिव शंकर – डा स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”हे शिव शंकर – डा स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”

0 Comments 11:15 pm

शिव की शिवा शिवा के शिव हैं, हैं अनंत घट घट वासी। हे अविनाशी हे शिव शंकर, कृपा करो प्रभु[...]

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Jainendra

देश के कर्णधार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’देश के कर्णधार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 11:13 pm

लेखक, शिक्षक, सेना, कर्मचारी राजनेता, चिकित्सक,वैज्ञानिक सभी कर्णधार हैं। राष्ट्र निर्माण खातिर जो भी करें योगदान, काश्तकार मजदूर, बड़े शिल्पकार[...]

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Devkant

दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 7:40 pm

हिंदी अमरतरंगिनी, जन-जन की है आस। सच्चे उर जो मानते, रहती उनके पास।। हिंदी भाषा है मधुर, देती सौम्य मिठास।[...]

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Ruchika

हिंदी हमारी जुबान – रूचिकाहिंदी हमारी जुबान – रूचिका

0 Comments 10:06 pm

हिंदी मेरी जुबान हिंदी मेरी पहचान, कभी भावनाओं के ज्वार थामे, कभी जज्बातों को दे पहचान। हिंदी मेरी जुबान कल्पनाओं[...]

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Sanjay Kumar

मैं हिंदी हूँ – संजय कुमारमैं हिंदी हूँ – संजय कुमार

0 Comments 10:04 pm

भारत माता की ललाट पर देदीप्यमान एक बिंदी हूँ, मैं हिंदी हूँ। भाषाओं की हूँ सिरमौर प्रसार मेरा है हर[...]

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