हरी चुनर हरी है चूड़ी , सुहागन कर श्रृंगार। हिना हरी है काया कंचन, गीत गाये मल्हार॥१॥ भाद्रपद तृतीया तिथि[...]
Author: Anupama Priyadarshini
हे शिव शंकर – डा स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”हे शिव शंकर – डा स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”
शिव की शिवा शिवा के शिव हैं, हैं अनंत घट घट वासी। हे अविनाशी हे शिव शंकर, कृपा करो प्रभु[...]
देश के कर्णधार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’देश के कर्णधार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
लेखक, शिक्षक, सेना, कर्मचारी राजनेता, चिकित्सक,वैज्ञानिक सभी कर्णधार हैं। राष्ट्र निर्माण खातिर जो भी करें योगदान, काश्तकार मजदूर, बड़े शिल्पकार[...]
दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देव कांत मिश्र ‘दिव्य’
हिंदी अमरतरंगिनी, जन-जन की है आस। सच्चे उर जो मानते, रहती उनके पास।। हिंदी भाषा है मधुर, देती सौम्य मिठास।[...]
हिंदी – नीतू रानीहिंदी – नीतू रानी
हिंदी हृदय की वाणी है, बचपन में मैंने सुनी अपनी नानी से हिंदी में नयी कहानी है । भाषा की[...]
हिंदी हमारी जुबान – रूचिकाहिंदी हमारी जुबान – रूचिका
हिंदी मेरी जुबान हिंदी मेरी पहचान, कभी भावनाओं के ज्वार थामे, कभी जज्बातों को दे पहचान। हिंदी मेरी जुबान कल्पनाओं[...]
मैं हिंदी हूँ – संजय कुमारमैं हिंदी हूँ – संजय कुमार
भारत माता की ललाट पर देदीप्यमान एक बिंदी हूँ, मैं हिंदी हूँ। भाषाओं की हूँ सिरमौर प्रसार मेरा है हर[...]
हिन्दी – संजीव प्रियदर्शीहिन्दी – संजीव प्रियदर्शी
सकल धरा का स्वर बनी जो,शब्द का विज्ञान हिन्दी है मातृ भाषा हम सबों की, राष्ट्र की पहचान हिन्दी वणिक[...]
हिन्दी राष्ट्र की भाषा है – रत्ना प्रियाहिन्दी राष्ट्र की भाषा है – रत्ना प्रिया
हिन्दी को नित पढ़ने की, पढ़ाने की अभिलाषा है | गर्व है हम भारतीयों को, हिन्दी राष्ट्र की भाषा है[...]
कलयुगी लाल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’कलयुगी लाल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
बुढ़ापे की सहारा हेतु बहुत ही जतन से, संतान को बड़ा करें, लोग यहाँ पोस-पाल। जब रोजगार मिले, जीवन में[...]
