शब्दों का संसार (१६-१४) शब्दों का संसार अनोखा, होंठ चूमता है रहता। कुछ बसते हैं संग रगो में, कुछ को खंजर सा सहता।। प्रेम पाश में बँध जाते भी, जब…
Author: madhukumari
रामायण – राम किशोर पाठक
आओ चिंतन कर लें थोड़ा, जो खुद गढ़ते हैं। गाथा सुंदर रामायण की, हम-सब पढ़ते हैं।। नारायण होकर जब नर सा, विपदा झेला है। फिर क्यों रोते रहते हम-सब, दुख…
यूँ ही लम्हें बीत जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदी
यूँ ही लम्हें बीत जाएँगे , न हम रहेंगे न तुम रहोगे फिर अपनी बात कहाँ और किसको कहोगे ? यह अंतहीन सिलसिला चलता ही जाएगा । क्या यह कभी कहीं रुक भी…
दीपावली का त्योहार – आशीष अम्बर
दीपावली का त्योहार आया, संग में अपने खुशियाँ लाया । रंगोली से घर को सजायेंगे, मिलकर खुशियाँ खूब मनायेंगे । दीपों की भी सजी कतार, जगमग कर रहा अपना घर…
अक्टूबर – रुचिका
देखो,कैसे आ गया अक्टूबर थोड़ी सी ठंडी हवा लेकर, थोड़ी सी सूरज की गर्मी चुराकर थोड़ी सी सूरज में नर्मी लाकर जैसे करने को आतुर है शीत का स्वागत देखो…
ऐ जिंदगी – रश्मि मिश्रा
ऐ जिंदगी जिसे तुझे जीना आ गया उसके लिए तू सरल बहुत है ,पर उनके लिए तू कठिन बहुत है, जो तेरे नखरे ना झेल पाया। ऐ जिंदगी जिसे तुझे…
बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक
बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन का।। हरपल प्यारा सबका न्यारा। लेकर खुशियों की यह धारा।।…
अभिनंदन – राम किशोर पाठक
सतत हो अभिनंदन राम का। सहज हो जप सुंदर नाम का।। सुलभ हो पल जीवन धाम का। सहज हो फल पुष्पित काम का।।०१।। सरल हैं रघुनंदन जान लें। सहज में…
गणपति वंदना – राम किशोर पाठक
महामंगला छंद हे गणपति गजवदन, तुम्हें नवाऊँ शीश। देव पूज्य तुम प्रथम, कृपा करो जगदीश।। गिरिजा नंदन नमन, तुमको बारंबार। कर विघ्नों का हरण, कर दो तुम उद्धार।। कृपा करो…
अनुपम गाँधी-शास्त्री- राम किशोर पाठक
गाँधी शास्त्री थें भारत के लाल। जन्में दोनों सुंदर देश विशाल।। अपने कर्मो से हरपल विख्यात। धन्य हुई दोनों से भारत मात।। सत्य अहिंसा दोनों के ही हाथ। जन जीवन…