Author: madhukumari

Ram Kishore Pathak

सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक 

0 Comments 5:47 pm

विश्व-बोध नित लेकर सपना। सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना।। नाग-तुंग नभ छूकर कहते। देव-भूमि सुर आकर रहते।। दिव्य लोक सम दर्शन[...]

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सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा 

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नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]

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बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”

0 Comments 5:39 pm

एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]

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मेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हामेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 10:31 am

अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद में समस्त सृष्टि को बसाए, ओ! कोई[...]

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स्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण -उमेश कुमार सिन्हा

0 Comments 9:15 am

स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]

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Ram Kishore Pathak

सावन गीत – राम किशोर पाठक सावन गीत – राम किशोर पाठक 

0 Comments 11:39 pm

नेह आप नैना भरे, लखते साजन पास। प्रेम मुग्ध दोनों मिलें, बहकें सावन मास।। मेघ बूँद जैसी गिरी, बही धरा[...]

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