शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक 

विद्यालय कार्यभार लेकर, हैं खोये। कागज में जैसे उलझ गए, हैं रोये।। शिक्षा के नव अंकुर मन में, जो बोये। चक्रव्यूह में फंँसा हुआ सा, है सोये।। सुधार हमें व्यवस्था…

नव भारत का निर्माण करें – बिंदु अग्रवाल

आओ भारतवासी मिल कर  ज़न-ज़न का आह्वान करें,  नव गति, नव लय, गीत नया हो  नव भारत का निर्माण करें। निर्माण करें हम उस युग का  जिसमें ज़न-ज़न का उत्थान…

विश्व आत्महत्या निवारण दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा

हर वक्त समझना अमूल्य जीवन का मोल, हर स्थिति में तू सदा शुभ सोच, तू शुभ बोल, धैर्य, धर्म, साहस, आत्मबल तू कभी न हार, हर दोष-दुर्बलता पर पराक्रम से…

शिक्षक – राम किशोर पाठक

शिक्षक शिक्षा दे सदा, मान इसे निज धर्म। छात्र समर्पित हो जहाँ, करता अपना कर्म।। शिक्षक साधक सा सदा, करे साधना रोज। कंटक पथ चलता हुआ, भरे छात्र में ओज।।…

तुम्हें जो सिखाए – राम किशोर पाठक

जलाए सदा दीप आओ बताए। उन्हें मान देना तुम्हें जो सिखाए।। सदा हाथ थामें तुझे जो बढ़ाया। उसे याद लाओ कहो क्यों भुलाया।। सदा शीश आगे उन्हीं के झुकाना। सिखाया…