Author: Nivedita Rani

Umesh kumar sinha

आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘आगमन से विदाई तक — उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक ‘

0 Comments 10:40 pm

शीर्षक :- आगमन से विदाई तक माँ दुर्गा के संग लक्ष्मी, सरस्वती भी आती हैं, नवरात्र के पावन अवसर पर,[...]

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Punam Kumari

मेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे -पुनम कुमारीमेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे -पुनम कुमारी

0 Comments 10:32 pm

मेरे बच्चे भविष्य की शान बनेंगे  मेरे नन्हे-नन्हे फूल एक दिन, देश का नाम करेंगे, ज्ञान, कर्म और संस्कारों से,[...]

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स्कंदमाता – Archanaस्कंदमाता – Archana

0 Comments 10:24 pm

स्कंदमाता    नवदुर्गा का पंचम स्वरूप, कहलाती हैं स्कन्दमाता । हर कामना को पूरा करती, सुख-समृद्धि औ”मोक्ष दाता।।   कमलासन[...]

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धरती मइया के रखवार, सुनील कुमार प्रजापतिधरती मइया के रखवार, सुनील कुमार प्रजापति

0 Comments 8:21 pm

धरती मइया के रखवार   हम हिअइ प्रकृति के प्रहरी, धरती मइया के रखवार, पेड़-पात, नदिया अउर पहाड़, ई सब[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

लक्षण और इतिहास,धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।लक्षण और इतिहास,धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।

0 Comments 8:08 pm

।। छंद ।। (लक्षण और इतिहास) पिंगल ऋषि ने रच दिया, पावन छंद-विधान। काव्य-नदी की धार में, भरे अनोखी जान॥[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

।। छात्र धर्म ॥धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।।। छात्र धर्म ॥धर्मेंद्र कुमार ठाकुर।

0 Comments 8:00 pm

।। छात्र धर्म ॥ प्रात: नित्य क्रिया से, निवृत्त पूर्ण तुम हो लो, शीश झुका ईश्वर का, पावन मानस खोलो।[...]

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Punam Kumari

मैं एक बिखरी दास्तान हूँ-पुनम कुमारीमैं एक बिखरी दास्तान हूँ-पुनम कुमारी

0 Comments 8:04 pm

  मैं एक बिखरी दास्तान हूँ, कुछ अधूरे ख़्वाबों का नाम हूँ। कभी हँसी में छुपा दर्द हूँ, कभी ख़ामोशी[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

मूक वेदना और स्वर्ण मंडी-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर मूक वेदना और स्वर्ण मंडी-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर 

0 Comments 7:56 pm

मूक वेदना और स्वर्ण मंडी-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर  मौन खड़ी प्रकृति रोती है, अंबर से झरते आँसू, पवित्र लगन की वेदी[...]

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Punam Kumari

बच्चों तुम फूल मेरे, बागवान के — पुनम कुमारीबच्चों तुम फूल मेरे, बागवान के — पुनम कुमारी

0 Comments 7:03 pm

बच्चों तुम फूल मेरे, बागवान के — पुनम कुमारी बच्चों, तुम फूल मेरे, विद्यालय बागवा, तुमसे ही महके सदा, मेरा[...]

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