Author: Ram Kishor Pathak

*साहित्यकार परिचय* नाम* : राम किशोर पाठक शिक्षक, कवि, लेखक, संपादक एवं विचारक जन्मदिन : 20 दिसंबर 1978, (पालीगंज, पटना, बिहार) शिक्षा : प्रशिक्षित परास्नातक पिता - श्री शिव देव पाठक माता - श्रीमती मालती देवी पत्नी - श्रीमती प्रतिभा मिश्रा पुत्री - प्रमा पेशा- प्रधान शिक्षक, बिहार सरकार प्रकाशित पुस्तकें:- छंदों की बारात, गीत मंजरी, दोहा रत्नाकर रचनाएंँ - आपकी रचनाएँ विविध पत्रिकाओं यथा पद्यपंकज, बालमंच, प्रज्ञानिका, निपुण-बालमंच, छंदमहल, हौसलों का हमसफर इत्यादि में अक्सर प्रकाशित होती रहती है। और आप नारायण साहित्य शाला उत्तराखंड मंच पर बतौर समीक्षक के साथ-साथ पद्यपंकज मासिक पत्रिका के संपादक के रूप में कार्य करते हैं। अन्य प्राप्त सम्मान - आपको कई साहित्यिक सम्मान भी प्राप्त हैं, यथा दोहा धुरंधर सम्मान, समग्र संस्कृत विकास समिति द्वारा कुशल उत्प्रेरक सम्मान, कविवर पुरुषार्थी कला मंच द्वारा काव्य पुरुषार्थी सम्मान, साहित्य उपवन रचनाकार द्वारा वरेन्द्रा व्यक्तित्व सम्मान, निहारिका साहित्य मंच कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट (रजि.) द्वारा सर्वश्रेष्ठ रचनाकार सम्मान, साहित्य सर्जन मंच कौशांबी द्वारा प्रदत्त उत्कृष्ट गीतकार सम्मान, काव्य- दिनकर सम्मान, मुक्तक शिरोमणि सम्मान, काव्य वैभव सम्मान, साहित्य सर्जन मंच द्वारा प्रदत्त सम्मान, नारायण साहित्य शाला उत्तराखंड से श्रेष्ठ बाल साहित्यकार, छंद कार सम्मान, श्री राम साहित्य सेवा संस्थान अयोध्या द्वारा प्रदत्त सम्मान इत्यादि। पता- ग्राम+पोस्ट - सियारामपुर थाना - पालीगंज जिला - पटना बिहार - 801110 संपर्क- 9835232978 rkpathakteacher@gmail.com rkpathakteacher@blogpost.com

भाषा शिक्षण में अंग्रेजी का महत्व – ताटंक छंद गीत – राम किशोर पाठकभाषा शिक्षण में अंग्रेजी का महत्व – ताटंक छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 4:57 pm

भाषा शिक्षण में अंग्रेजी का महत्व- ताटंक छंद गीत भाषा चाहे कोई भी हो, वह संपर्क बनाती है। हृदय भाव[...]

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क्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठकक्या मैं अबोध हूॅं – राम किशोर पाठक

0 Comments 1:38 pm

क्या मैं अबोध हूॅं। माँ सुनो तो, एक बात जरा, क्या मैं अबोध हूॅं ? पाँच वर्ष की हो गयी,[...]

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Amarnath Trivedi

बहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदीबहुत गरम हुए सूरज दादा- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:21 pm

बहुत गरम हुए सूरज दादा बहुत गरम हुए सूरज दादा, कोई उन्हें समझाए न। कैसे हमारे दिन कटेंगे, कोई उन्हें[...]

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Kumkum

हमहु स्कूल जैबय- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’हमहु स्कूल जैबय- कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

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हमहु स्कूल जैबय (अंगिका कविता) बस्ता लेके हमहु मैय्या स्कूल पढ़े जैबय। पढ़-लिखकर हमहु बड़ो आदमी बन जैबय।। बड़ो आदमी[...]

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Ratna Priya

दिल तो बच्चा है जी – बाल गीत – रत्ना प्रियादिल तो बच्चा है जी – बाल गीत – रत्ना प्रिया

0 Comments 8:48 pm

बाल गीत (दिल तो बच्चा है जी) ……………………… बचपन की अठखेली, प्यारी-प्यारी बोली, पल में रूठें, मानें, हर गम से[...]

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सीख- विजात छंद मुक्तक – राम किशोर पाठकसीख- विजात छंद मुक्तक – राम किशोर पाठक

0 Comments 8:44 pm

सीख- विजात छंद मुक्तक सदा वाणी सहज बोलें। नहीं विद्वेष को घोलें।। अगर कोई सताए तो। नहीं चुपचाप से रो[...]

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Snehlata

बचपन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’बचपन – स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 8:41 pm

बचपन सुन्दर! मनमोहक, समय, रुका नहीं क्यों? शायद! रुकता नहीं वक्त, भुला नहीं क्यों? खेल! मैदान, दौड़, रूठना , मनाना,[...]

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Amarnath Trivedi

आम फलों का राजा है – अमरनाथ त्रिवेदीआम फलों का राजा है – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:38 pm

आम फलों का राजा है बड़े बड़े और पीले पीले , होते आम  बड़े  रसीले । सभी फलों का राजा[...]

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Ratna Priya

फूल खिला माहवारी का- रत्ना प्रियाफूल खिला माहवारी का- रत्ना प्रिया

0 Comments 5:00 pm

फूल खिला माहवारी का सृजन को गति देने में, पूर्ण सहयोग है नारी का, सृष्टि को विस्तारित करने, फूल खिला[...]

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