आज की नारी -रुचिका

आज की नारी अपने घावों से खुद ही उबरती, संघर्ष की जमीन पर एक नई पटकथा लिखती है वह आज की नारी जो नित नए आयाम को गढ़ती। दोहरी जिम्मेदारी…

दहलीज -रुचिका

दहलीज हर बार वह सोचती की अब नही, मगर कदम उसके ठहर जाते थे घर की दहलीज पर घुटती रहती थी मगर हिम्मत नही जुटा पाती थी की छू ले…

नारी शक्ति – मुन्नी कुमारी

नारी-शक्ति स्व-रचित-कविता नारी की शक्ति अपार, नारी की महिमा अपरम्पार। नारी में गुणों का भंडार, नारी में ममता की बहार। कभी माँ की ममता बहाती, कभी बहन बन प्यार लुटाती।…

तुम कौन हो?-डॉ स्नेहलता द्विवेदी

तुम कौन हो? उसने पूछा, आखिर कौन हो तुम?, उर्वशी मेनका ,इंद्राणी, या अपाला लोपा घोषमुद्रा! यशोदा , राधा रुक्मिणी सीता, या कुंती द्रौपदी! आखिर कौन हो तुम? आग में…

रंगों का त्यौहार -मनु कुमारी

रंगों का त्योहार होली है रंगों का त्योहार , रंगों से रंगा सारा संसार l गुलाल की महक संग रिश्तों का प्यार, मिले सबको सचमुच खुशियां अपार। नफ़रत, ईर्ष्या, द्वेष,…

होली का त्यौहार -नीतू रानी

व शीर्षक-होली का त्योहार होली है हिन्दुओं का त्योहार लोग लगाते हैं एक-दूसरे के गालों में रंग गुलाल, खाते हैं सब पुआ और खीर गाते हैं जोगीरा सारा रा रा।…

होली -रामपाल प्रसाद सिंह

वंदनवार सजे शारदा जोगीरा सा र रररररररर कुंडलिया होली मन-ऑंगन को रंग दो,भर दो दिल में प्यार। हरे-भरे संसार में,स्वर्ग लगे निस्सार।। स्वर्ग लगे निस्सार,धूम होली जो आई। दौड़ रहे…

होली के उत्साह में -रामकिशोर पाठक

होली के उत्साह में- दोहा छंद गीत होली के उत्साह में, मैंने पी ली भंग। शाम ढले घर भूलकर, मिला पड़ोसन संग।। जोगीरा सर ररर गोरा मुखड़ा देखकर, मैंने मला…

सोहर गीत -नीतू रानी

रेणु जी के जन्म दिवस पर हमर स्वरचित रचना,”सोहर गीत” सोहर गीत धन्य हमर पूर्णियाॅ॑,अररिया जिला धन्य गाॅ॑व औराही हिंगना रे , ललना रे धन्य भेल शिलानाथ पाणो देवी कि…