बाल कविता शीर्षक : अच्छे बच्चे- सच्चे बच्चे । अच्छे बच्चे सत्य बोलते , सच से सबकी आँख खोलते । अच्छे बच्चे मन के सच्चे, करते नही शिकायत बच्चे ।…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
लिखनी एक कहानी होगी- रामकिशोर पाठक
२२-२२-२२-२२ लिखनी एक कहानी होगी लिखनी एक कहानी होगी। जिसमें खास रवानी होगी।। उसने आँचल है लहराई। चढ़ती मस्त जवानी होगी।। उसके गोरे गालों पर अब। कुमकुम भी मस्तानी होगी।।…
प्रभाती पुष्प जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सीता स्वयंवर जनक दुलारी सीता, साध्वी परम पुनीता, दुल्हन बन कर अवधपुरी आई है। धनुष जो हुआ भंग, देख लोग हुए दंग, घर-घर मिथिला में, बजी शहनाई है।…
बाल कविता नीतू रानी
विषय -बाल कविता। शीर्षक -सोमवार को आएगा मेरा मोटरकार। सोमवार सोमवार सोमवार, सोमवार को आएगा मेरा मोटरकार। मंगलवार मंगलवार मंगलवार, माँ करती बच्चों से बेइंतहा प्यार। बुधवार बुधवार बुधवार, मलाई…
बसंत -डॉ अजय कुमार
बसंत आम के पेड़ पर छाए बौड़़ चर- अचर नाचें चहूँ ओर सुरभित भए दिग- दिगंत सखि, यही तो है बसंत! रे अलि! आया बसंत! सिसिर का सुनापन है भागा…
दोहे रामकिशोर पाठक
दोहे सकल सृष्टि में कर्म के, फल का बना विधान। जिसका पालन का सदा, रखते शनि हैं ध्यान।। जिसने जैसा है किया, उसे वही हो प्राप्त। न्याय व्यवस्था शनि किए,…
आकाश बाल कविता -रामकिशोर पाठक
आकाश- बाल कविता अम्मा कहती हैं मुझे, छूना है आकाश। मेरे सारे कार्य पर, देती है शाबाश।। हर्षित होकर मैं सदा, करता अपना काम। मीठी बोली से सदा, माँ लेती…
बगुला नीतू रानी
विषय -बगुला। शीर्षक -आटा से बना मेरा बगुला। आटा से बना ये बगुला, देखने में लंबा और पतला। दिन भर देखता रहता पानी, खाता रहता मछली रानी। घर इसका बरगद,…
मैं हूं शिक्षक डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मैं हूं शिक्षक मैं इस धरा के ज्ञान धर्म का वाहक हूँ, जननी के स्वाभिमान मर्म का नायक हूँ। मैं शिक्षक संस्कार, सत्य तप का राही, वसुधा से अज्ञान मिटाने…
डालती रंग है रामकिशोर पाठक
डालती रंग हैं- अरुण छंद होली गीत पीसकर, सिल सदा, शिव पिए भंग हैं। पार्वती, रूद्र को, डालती रंग हैं।। नेत्र हैं, शिव किए, लाल पीला जहाँ। रंग नव, भर…