दोहे -रामकिशोर पाठक

दोहे हर्षित होकर आज हम, मना रहे गणतंत्र। भाई जैसा प्रेम हो, जन-गण-मन का मंत्र।। भारत माँ के शान में, नभ में ध्वज उल्लास। यह समृद्धि सुख शांति की, जग…

तिरंगा हमारी शान है -नीतू रानी

शीर्षक- तिरंगा हमारी शान है। दिन -सोमवार तीन रंग का मेरा झंडा कितना सुन्दर प्यारा है, इसको वीर सपूतों ने मिलकर इसे संवारा है। देखो ऊपर लहर रहा है आसमान…

26 जनवरी -नीतू रानी

विषय -छब्बीस जनवरी। शीर्षक -सखी हम झंडा फहरेबै हे। एलै छब्बीस जनवरी केअ त्योहार, सखी हम झंडा फहरेबै हे। झंडा फहरेबै गणतंत्र दिवस मनेबै , गेबै हम जन गण मन…

खामोशी रुचिका

खामोशी जब बोलना बेअसर होने लगे तो रास आने लगी खामोशी। खामोशी जो थी अपने में समेटे न जाने कितनी बातें कितने अरमान,कितनी चाहतें कितनी शिकायतें,कितनी मोहब्बतें। ख़ामोशी सदा ही…

गणतंत्र दिवस का उल्लास रामकिशोर पाठक

गणतंत्र दिवस का उल्लास- सरसी छंद गीत जब सबमें है उत्साह भरा, आ जाओ जी पास। ध्वज अपना फहराकर हम-सब, पाएँ कुछ उल्लास।। भला सभी का जिससे होता, वैसा हो…

बागेश्वरी मां -रामपाल प्रसाद सिंह

हरि गीतिका छंद बागेश्वरी माॅं श्वेतपद्ममा,ज्ञानदा या भारती। आकार सबके एक जिनकी,हम उतारे आरती।। शुभ भोर सुंदर पूर्व से ही,देव जागे हैं यहाॅं। दिनकर सजाकर रश्मियाॅं पर,संग भागे हैं यहाॅं।।…

वंदनवार सजे शारदा -रामपाल प्रसाद सिंह

वंदनवार सजे शारदा ऐसा अद्भुत भोर। क्षितिज चतुर्दिक दे रहा,ऑंधी जैसा शोर। प्रात:काली भूल कर, पूर्वज ढाड़े लोर।। कहीं भजन कीर्तन ठने,कहीं राम का बोल। कहीं शारदा सादगी,सह भोजपुरी झोल।।…

जय मां शारदे माँ तू अपने शरण में रखो अब सदा, है नमन कोटि रखना चरण मे सदा. तू दे दे हमें माँ ये आशीष कदा, ज्ञान जीवन में सुरभित…