तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय- गीत तुम्हें देखकर अंकुरित प्रणय। होता स्पंदित है नित्य निलय।। यौवन अंगराई आज अजब। फैलाई जुल्फें[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
नयन कटारी -रामकिशोर पाठकनयन कटारी -रामकिशोर पाठक
नयन कटारी- मानस छंद गीत वर्णिक १११-१२२, २११-११२ नयन कटारी, यौवन तन के। विकल निगोड़ी, पायल खनके।। मृदुल लता सी,[...]
शिव भजन -गिरींद्र मोहन झाशिव भजन -गिरींद्र मोहन झा
शिव भजन शिव शिव हर हर जपो निरंतर । साम्ब सदाशिव शम्भो महेश्वर ।। ओं हर हर हर महादेव-2 नीलकण्ठ[...]
गर्मी -रामकिशोर पाठकगर्मी -रामकिशोर पाठक
गर्मी- हास्य-व्यंग्य कुंडलियां गर्मी भीषण पड़ रही, सूरज हुए प्रचंड। व्याकुल सारे लोग हो, खोज रहे हैं ठंड।। खोज रहे[...]
किताब -आशीष अम्बरकिताब -आशीष अम्बर
शीर्षक – किताब । सब चीजों सबसे प्यारी, होती है किताब । उलझे – उलझे हर सवाल का, देती है[...]
आओ वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाये- रामकिशोर पाठकआओ वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाये- रामकिशोर पाठक
आओ! वृक्षारोपण करके, पर्यावरण बचायें – सार छंद गीत धरा श्यामली कुंठित रहती, मिलकर उसे हसायें। आओ! वृक्षारोपण करके, पर्यावरण[...]
पुस्तक- रामकिशोर पाठकपुस्तक- रामकिशोर पाठक
पुस्तक- गीता छंद गीत २२१२-२२१२, २२१२-२२१ पुस्तक सदा वरती हमें, शुभ ज्ञान का आधार। है मित्र सच्चा मान लो, सपना[...]
किताबें – रुचिकाकिताबें – रुचिका
किताबें दर्द में मरहम सी, तन्हाई में सच्ची साथी, खुशियों में साथ रहकर ये अपने होने का एहसास कराती। किताबें[...]
लड़ी रह गई – रामकिशोर पाठकलड़ी रह गई – रामकिशोर पाठक
लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]
परोपकार – गिरींद्र मोहन झापरोपकार – गिरींद्र मोहन झा
परोपकार आत्मप्रगति के संग जिनका हो परोपकारी जीवन, उन्हीं का जीवन धन्य है, है धन्य उन्हीं का मरण, अपनी जीवन-यात्रा[...]
