दशहरा- दोहावली उस रावण को मारिए, जिसका मन पर राज। सफल तभी यह दशहरा, कह पाएँगे आज।।०१।। करते पुतला का[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
हे मां तू सुन – स्नेहलता द्विवेदीहे मां तू सुन – स्नेहलता द्विवेदी
हे माँ तू सुन हे कालरात्रि महामाया सुन, हे जगदम्बे महाकाली सुन। तेरी महिमा जग कल्याणी, सब दुख है हरने[...]
बेटियां -रुचिकाबेटियां -रुचिका
बेटियाँ पिता की पगड़ी को सम्भालती, खुद को हर साँचे में है ढालती, बेटियाँ रब की रहमत है, न जाने[...]
बेटी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकबेटी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक
बेटी- प्रदीप छंद गीत घर आँगन की शोभा बेटी, ईश्वर का वरदान है। जिस घर में रहती है बेटी, बढ़ता[...]
उपवन नवरात्र का- सार छंद- रामकिशोर पाठकउपवन नवरात्र का- सार छंद- रामकिशोर पाठक
उपवन नवरात्र का- सार छंद आज हमारा पुष्पित उपवन, देख चकित संसार। रंग बिरंगे फूलों से यह, शोभित है घर[...]
हे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलताहे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलता
हे कात्यायनी ऋषि कात्यायन की हे सुता, यह दर्प तुम्हारा अद्भुत है। यह रूप तुम्हारा अद्भुत है, सौंदर्य तुम्हारा अद्भुत[...]
मेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या
मेरी बेटियां मेरी बेटियां! मेरी प्रतिरूप, मैं बसती हूं उनमें, अंतस्त बिल्कुल अंदर, आद्यो पांत सर्वांग, प्राण वायु की तरह।[...]
सजा दरबार मैया का- राम किशोर पाठकसजा दरबार मैया का- राम किशोर पाठक
सजा दरबार मैया का – विधाता छंद गीत लगाती पार नैया जो, वही पतवार लाएँ हैं। सजा दरबार मैया का,[...]
माता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंहमाता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंह
हे माता! जगतारणी कुंडलिया छंद माता! तुम जगतारणी, जाना है भवपार। थाल लिए द्वारे खड़ा,कर ले तू स्वीकार।। कर ले[...]
जय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदी
जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]
