Author: Dr Snehlata Dwivedi

दशहरा -दोहावली रामकिशोर पाठकदशहरा -दोहावली रामकिशोर पाठक

0 Comments 10:51 am

दशहरा- दोहावली उस रावण को मारिए, जिसका मन पर राज। सफल तभी यह दशहरा, कह पाएँगे आज।।०१।। करते पुतला का[...]

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हे मां तू सुन – स्नेहलता द्विवेदीहे मां तू सुन – स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 9:35 am

हे माँ तू सुन हे कालरात्रि महामाया सुन, हे जगदम्बे महाकाली सुन। तेरी महिमा जग कल्याणी, सब दुख है हरने[...]

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Ram Kishor Pathak

बेटी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठकबेटी -प्रदीप छंद गीत – राम किशोर पाठक

0 Comments 11:15 pm

बेटी- प्रदीप छंद गीत घर आँगन की शोभा बेटी, ईश्वर का वरदान है। जिस घर में रहती है बेटी, बढ़ता[...]

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उपवन नवरात्र का- सार छंद- रामकिशोर पाठकउपवन नवरात्र का- सार छंद- रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:48 pm

उपवन नवरात्र का- सार छंद आज हमारा पुष्पित उपवन, देख चकित संसार। रंग बिरंगे फूलों से यह, शोभित है घर[...]

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हे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलताहे कात्यायनी मां -डॉ स्नेहलता

0 Comments 3:02 pm

हे कात्यायनी ऋषि कात्यायन की हे सुता, यह दर्प तुम्हारा अद्भुत है। यह रूप तुम्हारा अद्भुत है, सौंदर्य तुम्हारा अद्भुत[...]

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मेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्यामेरी बेटियां -डॉ स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 2:51 pm

मेरी बेटियां मेरी बेटियां! मेरी प्रतिरूप, मैं बसती हूं उनमें, अंतस्त बिल्कुल अंदर, आद्यो पांत सर्वांग, प्राण वायु की तरह।[...]

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Ram Kishor Pathak

सजा दरबार मैया का- राम किशोर पाठकसजा दरबार मैया का- राम किशोर पाठक

0 Comments 8:49 pm

सजा दरबार मैया का – विधाता छंद गीत लगाती पार नैया जो, वही पतवार लाएँ हैं। सजा दरबार मैया का,[...]

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माता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंहमाता जगतारिणी -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:46 pm

हे माता! जगतारणी कुंडलिया छंद माता! तुम जगतारणी, जाना है भवपार। थाल लिए द्वारे खड़ा,कर ले तू स्वीकार।। कर ले[...]

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जय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदीजय स्कंदमाता स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 7:23 pm

जय स्कंदमाता ममतामयी माँ ममतामयी तू है जगदम्बा, तू कार्तिकेय सुत जननी है। ताड़कासुर बध संकल्प लिये, माँ तू संतन[...]

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