Author: Dr Snehlata Dwivedi

अब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदीअब भी यूं रुका क्यों है -डॉ स्नेहलता द्विवेदी

0 Comments 9:12 pm

तू अब भी यूँ रुका क्यूँ है? गुलाब कांटों से यूँ लगा क्यूँ है ? जिंदगी तेरा ये फ़लसफ़ा क्यूँ[...]

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महामानव -जैनेंद्र प्रसादमहामानव -जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 6:53 pm

महामानव पाकर भी ऊँचा पद- मिलता नहीं है यश, कई ऐसे गुमनाम, होते हैं यहांँ इंसान। घर से निकल कर-[...]

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यह देश है उन मतवालों का -बिंदु अग्रवालयह देश है उन मतवालों का -बिंदु अग्रवाल

0 Comments 6:09 pm

यह देश है उन मतवालों का यह देश है उन रखवालों का आजादी के मातवालों का, रखने को शान तिरंगे[...]

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कर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसादकर्मठ संस्कारी बच्चे -जैनेंद्र प्रसाद

0 Comments 10:22 pm

कर्मठ संस्कारी बच्चे बाल सृजन रूप घनाक्षरी छंद में कर्मठ संस्कारी बच्चे, कहलाते हैं वे अच्छे, सबसे अलग निज, बनाते[...]

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वो भाषा हिंदी है -स्मृति कुमारीवो भाषा हिंदी है -स्मृति कुमारी

0 Comments 6:31 pm

वो भाषा हिंदी है। सरल ,सहज और मधुर है कोमलता से जो भरपूर, वो भाषा हिंदी है। अधिकारिक राजभाषा भारत[...]

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मन का हारा जाए कहां -अमृता कुमारीमन का हारा जाए कहां -अमृता कुमारी

0 Comments 5:24 pm

मन का हारा जाए कहां! मन का हारा जाए कहां आज हर कोई है आत्ममग्न अपने दिल की सुनाए कहां[...]

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हिंदी दिवस रामपाल प्रसाद सिंहहिंदी दिवस रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 4:24 pm

हिंदी दिवस शिखर हिमालय से भी ऊॅंचा, हिंदी तुमको पाऊॅं मैं। तभी कहाऊॅं हिंदी भाषी, गुरुता जग समझाऊॅं मैं।। वेद[...]

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महाकाल -जैनेन्द्र प्रसादमहाकाल -जैनेन्द्र प्रसाद

0 Comments 11:48 am

महाकाल की देवघर सोमनाथ, काशी व अमरनाथ, उज्जैन नगर बीच, बसे महाकाल हैं। भोलेनाथ उमापति, बनके जगतपति, शरणागत भक्तों का-वे[...]

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जीवित्पुत्रिका व्रत -रुचिकाजीवित्पुत्रिका व्रत -रुचिका

0 Comments 10:10 pm

जीवित्पुत्रिका व्रत सन्तान के सुख की कामना कर कर रही है माँ साधना चौबीस घण्टे का निर्जला उपवास कर कर[...]

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भारत की अमृत भाषा -अमर नाथ त्रिवेदीभारत की अमृत भाषा -अमर नाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:40 pm

भारत की अमृत भाषा मातृभाषा के रूप में हर दिल , यह भाषा है बड़ी निराली । हम सबों का[...]

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