दिवाली की रात में मनहरण घनाक्षरी छंद रोशनी का ये त्यौहार, खुशियांँ लाता अपार, घरों को सजाते लोग, दिवाली की[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
हुई रौशनी जगमग जगमग -अमृता कुमारीहुई रौशनी जगमग जगमग -अमृता कुमारी
हुई रौशनी जगमग जगमग आज चारों ओर आओ मनाएं खुशियां सारे कि आज दीवाली है। देखो ..गांव और शहर भी[...]
श्री का अवतार रत्ना प्रियाश्री का अवतार रत्ना प्रिया
श्री का अवतार श्री, समृद्धि, सौभाग्ययुक्त, माता आईं द्वार । भक्तों की सद्इच्छाएँ, पल में होें साकार ।। श्री चरण[...]
दीपावली -रुचिकादीपावली -रुचिका
दीपावली दीपों की जगमग अवलि, अँधेरों से देखो कैसे लड़ रही है अमावस के गहन तिमिर को दूरकर प्रकाश हर[...]
राम आए अयोध्या -डॉ स्नेहलता द्विवेदीराम आए अयोध्या -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
दिवाली की बहुत बधाई और शुभकामनाएं राम आए अयोध्या राम आए अयोध्या दिए जल उठे , आज देखो अमावस पूनम[...]
मेरी प्यारी गौरैया -अवधेश कुमारमेरी प्यारी गौरैया -अवधेश कुमार
मेरी प्यारी गौरैया : बाल कविता आँगन में जब हँसी गूँजती, नन्हें पाँव दौड़ जाते, गौरैया संग बच्चे मिलकर, गीत[...]
धनतरेस रामकिशोर पाठकधनतरेस रामकिशोर पाठक
धनतेरस – मनहरण घनाक्षरी धनतेरस है आया, लेकर धन की माया, बाजार धूम मचाया, हाट गुलजार है। करना है दीप-दान,[...]
धनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंहधनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंह
धनतेरस। रोला छंद । पावन कार्तिक मास,स्वर्ग से सुंदर भाता। त्रयोदशी का योग,कृष्ण पक्ष अति सुहाता। प्रकट हुए धनदेव, ग्रंथ[...]
ऋण बैकुंठ बिहारीऋण बैकुंठ बिहारी
ऋण ऋण माता का, ऋण पिता का, ऋण भाई बहन का, ऋण प्रियजनों का।। ऋण मित्र का, ऋण शत्रु का,[...]
तुमसे लगन लगी -जैनेंद्र प्रसाद रवितुमसे लगन लगी -जैनेंद्र प्रसाद रवि
तुमसे लगन लगी ग्वाल-बाल संग मिल, गोपियों के घर जाते, आदत थी छिपकर, माखन चुराने की। गांव की ग्वालन जातीं,[...]
