पंछी -रामपाल प्रसाद सिंह

दो पंछी क्यों विवश हुए हैं,बाहर जाने को। अपने हुए पराए मतलब,है समझाने को।। जीवन का हर पल सुखमय जब,तूने पाए थे। रहते संग परिवार में सबको,सुख पहुॅंचाए थे।। अब…

संपूर्ण ज्ञान अश्मजा प्रियदर्शिनी

संपूर्ण ज्ञान प्रदाता पुस्तक है सरस्वती समान। यह सर्वश्रेष्ठ पर प्रदर्शक विज्ञता जीवन में प्रधान। शास्वत जग ब्रह्मांड का विवरण देता है, कालचक्र की समस्त घटना का मान्य करता बखान।…

श्यामली सूरत – जैनेंद्र प्रसाद रवि

श्यामली सूरत मनहरण घनाक्षरी छंद गगन सा श्याम वर्ण- सुध बुध खोया देख, चैन को चुराती तेरी, श्यामली सूरत है। मुरली तो अधरों से करता है अठखेली, दिल को लुभाती…

आह -बैकुंठ बिहारी

आह पल पल प्रत्येक हृदय से निकलती आह, कभी कुछ पाने की आह, कभी कुछ खोने की आह, कभी स्वार्थ सिद्धि की आह, कभी परार्थ सिद्धि की आह, कभी विश्वास…

वाणी -रामकिशोर पाठक

वाणी- दोहे वाणी सबसे बोलिये, हर-पल सुंदर सत्य। मन को जो शीतल करे, सन्मुख रखकर तथ्य।। मधुर सरस वाणी सहज, रख-कर सुंदर सोच। व्यक्त करें शुभ भाव नित, भरे न…

समय -बैकुंठ बिहारी

समय समय है सबसे शक्तिशाली, समय है बड़ा बलवान, समय की हर एक घड़ी का, करना है सम्मान, समय ही किसी को राजा बनाता, समय ही किसी को रंक बनाता,…

मंजिल बुला रही है मोहम्मद आसिफ इकबाल

| मंज़िल बुला रही है | क्यों मुरझाए बैठे हो? शीष झुकाए बैठे हो! देखो मंजिल बुला रही है, बाँध कमर तुम दौड़ लगाओ । समय गंवाए बैठे-बैठे किस सोच…

छुआछूत-जैनेंद्र प्रसाद

छूआछूत कोई नहीं छोटा बड़ा, सबको समान गढ़ा, आमिर-गरीब होना, तो मात्र संजोग है। ईश्वर की रचना में- विविध प्रकार जीव, तुलसी के सभी दल, का होता प्रयोग है। ऊंँच-नीच…