Author: Swarakshi Swara

जीवन और जल..गिरिंद्र मोहन झाजीवन और जल..गिरिंद्र मोहन झा

0 Comments 9:09 pm

जीवन और जलकहते भी हैं, जल ही जीवन है,जीवन वही, जैसा तन-मन है,जीवन मानो तो ईश्वर का वर है,है यह[...]

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योग दिवस..कार्तिक कुमारयोग दिवस..कार्तिक कुमार

0 Comments 9:06 pm

1️⃣ ताड़ासन सीधे खड़े हों तन को तान,ताड़ासन दे ऊँची पहचान।पैर जमें धरती के संग,आकाश छुए आत्मविश्वास रंग।रीढ़ बने मजबूत,[...]

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पशु अधिकार दिवस…नीतू रानीपशु अधिकार दिवस…नीतू रानी

0 Comments 6:34 pm

विषय – अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस।******************आज है अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस,लेकिन सभी पशु हैं जीने को वेवश। उजड़ रहे हैं[...]

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Ram Kishore Pathak

दोहा छंद…रामकिशोर पाठकदोहा छंद…रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:42 pm

प्रयास- दोहा छंद गीत मिलता जिससे हैं उन्हें, जीवन में आराम।कर प्रयास हैं साधते, कर्मठ सारे काम।। मिल जाते भगवान[...]

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दुआएं भी असर करता… एस.के. पूनमदुआएं भी असर करता… एस.के. पूनम

0 Comments 10:26 am

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏विधा:-विधाता छंद।(दुआएं भी असर करता) चली ठंडी     हवा साथी,रहें छुपकर निलय में ही। दिवाकर राह      मोड़े हैं,गगनचर भी[...]

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Ram Kishore Pathak

कान्हा..रामकिशोर पाठककान्हा..रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:34 pm

कहमुकरी ख्वाब सजाकर रखती हूॅं नित।उन्हें छुपाकर रखती हूॅं चित।।रहती फिर भी जग में तन्हा।क्या सखि? साजन! न सखी! कन्हा।।०१।।[...]

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वाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रविवाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:54 pm

वाह रे इंसान *****************धन-दौलत सब माल-खजाना यहीं धरा रह जाएगा,खाली हाथ तू आया बंदे खाली हाथ ही जाएगा।मूर्ति की पूजा[...]

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Ram Kishore Pathak

तन्हा तन्हा..राम किशोर पाठकतन्हा तन्हा..राम किशोर पाठक

0 Comments 2:50 pm

कुण्डलिया तन्हा-तन्हा है आज-कल, यहाँ सकल संसार।कारण इसका क्या भला, करिए जरा विचार।।करिए जरा विचार, कभी खुद को भी झाँके।बना[...]

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Ram Kishore Pathak

गौरव..रामकिशोर पाठकगौरव..रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:19 am

नाभा छंद २११-१११, २२२-२२ गौरव क्षणिक, पाना क्यों चाहें।कौन बरबस, फैलाता बाहें।।चाहत अगर, मैला हो तेरा।अंतस गरल, फैलाए डेरा।। सुंदर[...]

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सर्दी का मौसम… आसिफ़ इक़बालसर्दी का मौसम… आसिफ़ इक़बाल

0 Comments 9:12 am

देखो ठंडी हवा चली,गाँव-शहर के गली गली।सर्दी का मौसम है आया,प्रकृति का संदेशा लाया। दृढ न रहो, अटल न रहो,रहो[...]

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