जीवन और जलकहते भी हैं, जल ही जीवन है,जीवन वही, जैसा तन-मन है,जीवन मानो तो ईश्वर का वर है,है यह जल के सदृश, चर-अचर है,तुम इसे जैसी आकृति देना चाहो,…
Author: Swarakshi Swara
योग दिवस..कार्तिक कुमार
1️⃣ ताड़ासन सीधे खड़े हों तन को तान,ताड़ासन दे ऊँची पहचान।पैर जमें धरती के संग,आकाश छुए आत्मविश्वास रंग।रीढ़ बने मजबूत, स्थिर विचार,शरीर पाए संतुलित आकार।श्वास गहरी, मन हो शांत,योग करे…
पशु अधिकार दिवस…नीतू रानी
विषय – अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस।******************आज है अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस,लेकिन सभी पशु हैं जीने को वेवश। उजड़ रहे हैं पेड़, पौधे, वन,कहाँ रहेंगे पशुओं के सभी जन। सभी पशुओं…
दोहा छंद…रामकिशोर पाठक
प्रयास- दोहा छंद गीत मिलता जिससे हैं उन्हें, जीवन में आराम।कर प्रयास हैं साधते, कर्मठ सारे काम।। मिल जाते भगवान है, होता जहाँ प्रयास।करने वाले ने किया, पूर्ण सभी निज…
दुआएं भी असर करता… एस.के. पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏विधा:-विधाता छंद।(दुआएं भी असर करता) चली ठंडी हवा साथी,रहें छुपकर निलय में ही। दिवाकर राह मोड़े हैं,गगनचर भी शरण में ही। रहे खुशहाल हर पल वह,ढका निर्धन गरम …
कान्हा..रामकिशोर पाठक
कहमुकरी ख्वाब सजाकर रखती हूॅं नित।उन्हें छुपाकर रखती हूॅं चित।।रहती फिर भी जग में तन्हा।क्या सखि? साजन! न सखी! कन्हा।।०१।। याद उन्हें ही कर मैं खोयी।चरणों में सिर रखकर सोयी।।करे…
वाह रे इंसान.. जैनेंद्र प्रसाद रवि
वाह रे इंसान *****************धन-दौलत सब माल-खजाना यहीं धरा रह जाएगा,खाली हाथ तू आया बंदे खाली हाथ ही जाएगा।मूर्ति की पूजा करता है माता-पिता से प्यार नहीं, पद-पैसा पा इतराता है…
तन्हा तन्हा..राम किशोर पाठक
कुण्डलिया तन्हा-तन्हा है आज-कल, यहाँ सकल संसार।कारण इसका क्या भला, करिए जरा विचार।।करिए जरा विचार, कभी खुद को भी झाँके।बना बहाना काम, नहीं औरों को ताके।।होते सभी समान, नहीं कोई…
गौरव..रामकिशोर पाठक
नाभा छंद २११-१११, २२२-२२ गौरव क्षणिक, पाना क्यों चाहें।कौन बरबस, फैलाता बाहें।।चाहत अगर, मैला हो तेरा।अंतस गरल, फैलाए डेरा।। सुंदर सृजन, होते हैं ज्यों ही।वंदन नमन, पाते हैं त्यों ही।।भक्ति…
सर्दी का मौसम… आसिफ़ इक़बाल
देखो ठंडी हवा चली,गाँव-शहर के गली गली।सर्दी का मौसम है आया,प्रकृति का संदेशा लाया। दृढ न रहो, अटल न रहो,रहो न एक जैसा हर बार।तुम भी खुद को बदलो ऐसे,मौसम…