Author: Swarakshi Swara

बाल मनुहार..अमृता कुमारीबाल मनुहार..अमृता कुमारी

0 Comments 9:02 pm

*बाल मनुहार* मां यह मुझे बता दे!आसमान क्यों है नीला कैसे उड़ लेती है चिड़ियां इस नील गगन में ऊपर[...]

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पुरुष होना आसान नहीं…मनु कुमारीपुरुष होना आसान नहीं…मनु कुमारी

0 Comments 5:15 pm

जिम्मेदारी का बोझ उठाए।अपने नींद और चैन गंवाए।वो मेहनत करें आराम नहीं ।पर मिलता उसे सम्मान नहीं ।सुनो!पुरुष होना आसान[...]

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Ram Kishore Pathak

शिक्षा का दीप…राम किशोर पाठकशिक्षा का दीप…राम किशोर पाठक

0 Comments 7:18 pm

शिक्षा का दीप जलाना है- गीत अब सबको राह दिखाना है। शिक्षा का दीप जलाना है।। चाहत सबकी नभ को[...]

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Ram Kishore Pathak

प्रकाश..राम किशोर पाठकप्रकाश..राम किशोर पाठक

0 Comments 7:16 pm

प्रकाश- अनंद छंद गीत (मात्रिक १२-१२-१२-१२, १२-१२-१२) सुमन यहाँ विछा रहें, पथिक चलो अभी।प्रदीप हम जला रहे, उदास क्यों सभी।।[...]

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Ram Kishore Pathak

घर में आकर.. राम किशोर पाठकघर में आकर.. राम किशोर पाठक

0 Comments 7:18 pm

घर में आकर- वासुदेव छंद गीत अपनों से जब, नैन मिले।घर में आकर, चैन मिले।। दौड़ लगाकर, थक जाते।दुनिया की[...]

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Ram Kishore Pathak

दुविधा…राम किशोर पाठकदुविधा…राम किशोर पाठक

0 Comments 7:16 pm

मनहरण घनाक्षरी दुविधा में हम पड़े,अपनी ही जिद अड़े,अधिकारी पास खड़े, होते परेशान हैं।साथी सारे कह रहे,लेन-देन कर कहे,चैन आप[...]

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पहिले करु मतदान..मनु कुमारीपहिले करु मतदान..मनु कुमारी

0 Comments 7:13 pm

भैया ग्यारह नवंबर कय मतदान करू यौ ।पहिले करू मतदान तखन जलपान करू यौ। लोकतंत्र के ई अछि पाबनि महान।परिवार[...]

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युग का प्रभाव..जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’युग का प्रभाव..जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:08 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद में *******************मूर्ति को तो माता कह- आरती      उतारते  हैं,अपनी माता को कटु, बोलते वचन हैं। घर पर  [...]

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इच्छा..बैकुंठ बिहारीइच्छा..बैकुंठ बिहारी

0 Comments 2:55 pm

संसार में आते ही शुरू होती है… इच्छाबड़े बुजुर्गों,सगे-संबंधियों के बीच पनपती है यह इच्छा…समाज में जाकर फलती फूलती है[...]

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