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-बाल कविता
शीर्षक -एक मोटा हाथी।
एक मोटा हाथी झूम के आया,
केला के पेड़ को सूँढ से गिराया।
उसमें लटके केला को तोड़ के खाया,
बहती नदी में खूब नहाया।
नहाकर निकला तो चल नही
पाया,
बैठ गया पेड़ के नीचे जहाँ था छाया।
पेड़ पर बैठा बंदर डाल हिलाया,
डाल में लटक रहा आम नीचे गिराया।
आम को देखा हाथी मुँह में पानी भर आया,
सूँढ़ से उठाया आम चपाक से खाया।
एक मोटा हाथी झूम के आया,
केला के पेड़ को सूँढ़ से गिराया।
नीतू रानी ( विशिष्ट शिक्षिका)
स्वरचित बाल कविता
स्कूल -म०वि०रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ , बिहार।

