Category: छंद

दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 6:39 pm

गिरिजापति भूतेश शिव, आया हूँ दरबार। विनती बारंबार है, करिए बेड़ा पार।। अंतक अक्षय आप हो, उमापति विश्वनाथ। नीलकंठ शिवमय[...]

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Amarnath Trivedi

सच में जीवन जीना सीखें – अमरनाथ त्रिवेदीसच में जीवन जीना सीखें – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 10:05 pm

रोते को  हँसाना  सीखें, जग में नाम कमाना सीखें।   कभी न झगड़ा झंझट करें, दिल खुशियों से भरा करें। मन से दुख[...]

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ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 9:54 pm

आधार का वर्ग मान, लंब का भी वर्ग ज्ञान, दोनों के योगफल को, ज्ञात कर लाइए। तीसरी भुजा कर्ण लें,[...]

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ram किशोर

रूप घनाक्षरी – रामकिशोर पाठकरूप घनाक्षरी – रामकिशोर पाठक

0 Comments 10:35 am

अनुपयोगी का साथ, हानिकारक का हाथ, प्रदूषण कहलाता, बिगड़ जाता है काज। भूमि जल वायु संग, ध्वनि प्रकाश का ढंग,[...]

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ram किशोर

देव घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकदेव घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:36 am

विज्ञान की बात करें, न्यूटन के साथ करें, जिन्होंने है सिखलाया, नियम ऊर्जा संरक्षण। पृथक निकाय को लें, समय स्थान[...]

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Kumkum

हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 8:01 pm

है अति बेकल नैन हमारे। दर्शन को प्रभु राम तुम्हारे।। देकर दर्शन काज सँवारें। नाथ हमें भव से अब तारें।।[...]

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Kumkum

वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 4:19 pm

करूँगी सदा वंदना मैं तुम्हारी, भवानी सुनो प्रार्थना है हमारी। बना दो विवेकी हरो अंधियारा, पुत्री हूँ तुम्हारी बनो माँ[...]

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Ratna Priya

वीणा की झंकार – रत्ना प्रियावीणा की झंकार – रत्ना प्रिया

0 Comments 4:02 pm

प्रकृति के मनोहर आँगन में, वसंत की बहार है, वागेश्वरी के वीणा की, गूँजती झंकार है। श्वेत पद्म व श्वेत[...]

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ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 12:25 pm

वीणा रखती हाथ में, सुर संगीत साथ में, जीवन में आनंद हो, भाव रस पीजिए। मॉं तेरी हंस सवारी, लगती[...]

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ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:31 pm

अंडाकार पथ पर, ग्रह लगाते चक्कर, सूर्य रहता केन्द्र में, परिक्रमा मानिए। सूर्य की पृथ्वी चंद्रमा, करे सदा परिक्रमा, तीनों[...]

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