Category: छंद

Kumkum

वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 4:19 pm

करूँगी सदा वंदना मैं तुम्हारी, भवानी सुनो प्रार्थना है हमारी। बना दो विवेकी हरो अंधियारा, पुत्री हूँ तुम्हारी बनो माँ[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ratna Priya

वीणा की झंकार – रत्ना प्रियावीणा की झंकार – रत्ना प्रिया

0 Comments 4:02 pm

प्रकृति के मनोहर आँगन में, वसंत की बहार है, वागेश्वरी के वीणा की, गूँजती झंकार है। श्वेत पद्म व श्वेत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 12:25 pm

वीणा रखती हाथ में, सुर संगीत साथ में, जीवन में आनंद हो, भाव रस पीजिए। मॉं तेरी हंस सवारी, लगती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:31 pm

अंडाकार पथ पर, ग्रह लगाते चक्कर, सूर्य रहता केन्द्र में, परिक्रमा मानिए। सूर्य की पृथ्वी चंद्रमा, करे सदा परिक्रमा, तीनों[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 10:50 am

वीणा रखती हाथ में, सुर संगीत साथ में, जीवन में आनंद हो, भाव रस पीजिए। मॉं तेरी हंस सवारी, लगती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

दोहावली- रामकिशोर पाठकदोहावली- रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:34 am

निर्णायक जन-जन जहॉं, सफल वहीं गणतंत्र। समता जिसके मूल में, भागीदारी मंत्र।। छब्बीस जनवरी शुभद, दिवस हुआ गणतंत्र। संविधान लागू[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

मनहरण घनाक्षरी- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’मनहरण घनाक्षरी- देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 9:42 pm

कटक में जन्म लिए, देश हित कर्म किए, देशभक्त थे सुभाष, कर्मनिष्ठ जानिए। माता प्रभावती साथ, पिता जी जानकी नाथ,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:01 am

चुनें सही सरकार, करके सोच विचार, स्वदेश के उत्थान को, बटन दबाइए। कर निज मतदान, करें देश का उत्थान, समाज[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 7:33 pm

नारी को सम्मान मिले, नयी पहचान मिले, बालिका दिवस सभी, प्रेम से मनाइए। कन्या का हो जन्म पर्व, समाज को[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें