। गणतंत्र दिवस कविता – मुन्नी कुमारी।

। गणतंत्र दिवस। छब्बीस जनवरी का दिन है सुहाना, गणतंत्र हुआ है देश अपना । संविधान का मान बनाए रखना, अधिकार अपना जताए रखना। यह केवल पर्व नहीं, इतिहास की…

हमारा तिरंगा-मनु कुमारी

तीन रंगों में बंधा हुआ, भारत माँ का स्वाभिमान है। केसरिया बलिदान कहे, श्वेत शांति की पहचान है। हरित रंग में जीवन बहता, आशा का मधुर संदेश लिए, अशोक चक्र…

हमारा देश बना गणतंत्र -ब्यूटी कुमारी 

राष्ट्र यज्ञ में आहुति देने आया हूं,  मां भारती का भाल सजाने आया हूं, तिरंगा झंडा लहराने आया हूं।  देश हमारा था परतंत्र,  नहीं चला गोरों का षड्यंत्र, यातना सह…

जन गण मन-रूचिका

जन गण मन जयगान है, सर्वधर्म समभाव गणतंत्र की पहचान है। एक राष्ट्र,एक ध्वज एक ही संविधान है। देश के लिए हर मन में रहे सम्मान है। अधिकार और कर्तव्य…

जय बोलो भारत माता की-राम किशोर पाठक

सुरभित सत्ता को अपनाएँ, मान इसे चित अंत्र। जय बोलो भारत माता की, आया शुभ गणतंत्र।। संविधान है अपना प्यारा, बना बहुत विस्तार। नियम सभी है इसमें वर्णित, शासन का…

राष्ट्रीय एकता दिवस – राम किशोर पाठक

राष्ट्रीय एकता दिवस   दिवस राष्ट्रीय एकता वाला। लेकर समरसता का माला।। आओ इसकी कथा सुनाएँ। सरदार पटेल से मिलवाएँ।। जन्म दिवस उनका है आज। संघटित भारत करने का काज।।…

मतदान -रामकिशोर पाठक

मतदान – मनहरण घनाक्षरी दौड़ भाग कर रहे, खोज-खोज मिल रहे, पाँव भी पकड़ रहे, आया मतदान है। देखकर निहारते, हृदय से पुकारते, गले में बाह डालते, जैसे पहचान है।…

भाई तुम उन्हीं को देना वोट, गिरीन्द्र मोहन झा

भाई तुम उन्हीं को देना वोट, भाइयों, बहनों तुम अवश्य करना वोट, उन्हीं को देना वोट, जो करे विकास की बात-कार्य, सारी बुराईयों पर करे चोट, भाई तुम उन्हीं को…