Category: प्रेम

Arvind Kumar Amar

बेटी:- अरविंद कुमार अमरबेटी:- अरविंद कुमार अमर

0 Comments 4:13 pm

छै येहा धारना दूनिया के, बेटी पराई होते छै। पर बिना बेटियौ के जग में, तकदीर सब के सुतले छै।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kumkum

बेटी धन अनमोल – कुमकुम कुमारीबेटी धन अनमोल – कुमकुम कुमारी

0 Comments 11:39 am

मेरे जन्म से पापा क्यों डरते हो, मुख अपना मलिन क्यों करते हो? बेटी हूँ कोई अभिशाप नहीं, फिर मन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu

फूल मनहरण घनाक्षरी-मनु कुमारीफूल मनहरण घनाक्षरी-मनु कुमारी

0 Comments 1:54 pm

फूल मनहरण घनाक्षरी आओ बनें हम फूल, गम सारे जायें भूल प्रेम माल बनूं मैं, देख तू संसार के! बनके[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kumkum

मनहरण घनाक्षरी – कुमकुम कुमारीमनहरण घनाक्षरी – कुमकुम कुमारी

0 Comments 11:58 pm

मनहरण घनाक्षरी चले वसंती बयार, छाया सबपे खुमार, होकर हंस सवार, आई चन्द्रकांति माँ। छेड़ दी वीणा की तार, झंकृत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jyoti Rita

लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।

2 Comments 1:22 pm

लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।। लिखना सबसे बड़ा गुनाह था हम गुनहगार हुए जन्म के साथ ही झाड़ू कटका में[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें