फल, फूल, सब्जी, खाइए भरपूर जी। चीनी, तेल, घी, खाने से पहले मुँह को लें सी। ज्यादा न खाओ चावल[...]
Category: बाल कविता
मुन्नी रोज आती स्कूलमुन्नी रोज आती स्कूल
बाल कविता। मुन्नी रोज आती स्कूल, लेकिन आज रास्ता गई भूल। रास्ते में बैठकर रो रही थी, आँसू से मुख[...]
बाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठकबाल कविता – पेंसिल – राम किशोर पाठक
पेंसिल की है बात निराली, चलती है यह काली काली। अब तो रंग बिरंगी है आती, बच्चों का मन खूब[...]
नई सुबह – डॉ स्वराक्षी स्वरानई सुबह – डॉ स्वराक्षी स्वरा
जागो जागो हुई सुबह फिर से आई नई सुबह चिड़ियां गाए फूल खिले है मुस्काई नई सुबह….।। उठकर प्रभु को[...]
मन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदीमन करता मैं भी कुछ गाऊँ- अमरनाथ त्रिवेदी
जीवन खुशियों से जब भरता, मन करता मैं भी कुछ गाऊँ। जब शीतल मंद सुगंध हवा हो, खुशियों के संग[...]
दिन-रात- रामकिशोर पाठकदिन-रात- रामकिशोर पाठक
हम बच्चों के मन में आती तरह तरह की है बातें। गुरुवर हमें बता दो इतना क्यों होती हैं दिन[...]
पढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदीपढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदी
नित पढ़ने को स्कूल चलें हम, किसी बात पर नहीं लड़ें हम। जीवन में खुशियाँ भरने को, नित बस्ता लें[...]
इन्द्रधनुष- रामकिशोर पाठकइन्द्रधनुष- रामकिशोर पाठक
छम छम करती वर्षा रानी, मूसलाधार गिराए पानी। बैठ गयी अब वो थककर, सूरज दादा आएँ निकलकर। संग में झोला[...]
शिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदीशिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदी
शिक्षा का हम लें मशाल, कदम मिलाकर रक्खें चाल। शिक्षा के बिन मिलता नहीं ताल, ज्ञान ही लेता सबका हाल। पढ़ने से कभी[...]
अपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदीअपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदी
अपने बोल में मिसरी घोलें, सबके दिल के ताले खोलें। हम हैं बच्चे बहुत सयाने, मीठे बोल के बहुत दीवाने। हर मुश्किल में[...]
