हम बच्चों के मन में आती तरह तरह की है बातें। गुरुवर हमें बता दो इतना क्यों होती हैं दिन रातें। सूरज छुपते कहॉं रात में उजियारा दिन में करते।…
Category: बाल कविता
पढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदी
नित पढ़ने को स्कूल चलें हम, किसी बात पर नहीं लड़ें हम। जीवन में खुशियाँ भरने को, नित बस्ता लें स्कूल बढ़ें हम। हम नहीं करें कभी आना कानी, नहीं चलेगी अब…
इन्द्रधनुष- रामकिशोर पाठक
छम छम करती वर्षा रानी, मूसलाधार गिराए पानी। बैठ गयी अब वो थककर, सूरज दादा आएँ निकलकर। संग में झोला भरकर लाएँ, रंग बिरंगे फल दिखलाएँ, सबके सब है सेहतमंद,…
शिक्षा का हम लें मशाल- अमरनाथ त्रिवेदी
शिक्षा का हम लें मशाल, कदम मिलाकर रक्खें चाल। शिक्षा के बिन मिलता नहीं ताल, ज्ञान ही लेता सबका हाल। पढ़ने से कभी मुँह न मोड़ें, हर बच्चे को इससे जोड़ें। शिक्षा से ही…
अपने बोल में मिसरी घोलें- अमरनाथ त्रिवेदी
अपने बोल में मिसरी घोलें, सबके दिल के ताले खोलें। हम हैं बच्चे बहुत सयाने, मीठे बोल के बहुत दीवाने। हर मुश्किल में इसके मोल, दिल के सब दरवाजे खोल। पराए को भी…
बहती शीतल मंद बयार- अमरनाथ त्रिवेदी
देखो मौसम यह कैसा आया है, सर्द हवा संग लाया है। प्रकृति के अनमोल पलों में, जीवन का राग सुनाया है। बहती शीतल मंद बयार, होते सभी को धूप …
सर्द हवा- रामकिशोर पाठक
कुहासा बाहर गहरा है सर्द हवा का पहरा है। कुछ नहीं पड़ती है दिखाई बच्चों तुम न करो ढिठाई कुछ दिन छिपकर रह लो घर में जो पढ़ें उसे…
आओ सीखें – रामकिशोर पाठक
आओ बच्चों पढ़ना सीखें जीवन रंग बदलना सीखें। अक्षर अक्षर गढ़ना सीखें शब्दों के अर्थ समझना सीखें। मिलजुल कर रहना सीखें जीवन पथ पर बढ़ना सीखें। दुश्मन से भी…
पुस्तक – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’
आओ बच्चों पुस्तक पढ़ लें। नई-नई बातों को गढ़ लें।। पुस्तक तो है ज्ञान-खजाना। करें न कोई और बहाना।। नये-नये कुछ शब्द मिलेंगे। सुंदर मनहर चित्र दिखेंगे।। कभी दिखें रवि-चाँद-सितारे।…
हम सब हैं भारत के बच्चे – अमरनाथ त्रिवेदी
लेकर हम सब प्रभु का नाम, सदा करें ही अच्छे काम। खेल-खेल में नहीं लड़ेंगे, बात-बात में नहीं झगड़ेंगे। हम सब हैं भारत के बच्चे, कहते जो करते सब…