Category: बाल कविता

Ranjeet Kushwaha

जंगल में विद्यालय- रणजीत कुशवाहाजंगल में विद्यालय- रणजीत कुशवाहा

0 Comments 8:55 pm

शिक्षा बना बाजारवाद का आलय। जंगल में खुला ग्लोबल विद्यालय।। जब जंगल में विद्यालय खुला। प्रचार प्रसार खुब जमके हुआ।।[...]

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Ranjeet Kushwaha

वर्षा रानी- रणजीत कुशवाहावर्षा रानी- रणजीत कुशवाहा

0 Comments 8:53 pm

खुब बरसों प्यारी वर्षा रानी। पग-पग कर दो पानी-पानी।। बादलों से मोरों को नचा ओ। मेंढक की टर्र – टर्र[...]

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Meera Singh

चूहा जी- मीरा सिंह “मीरा”चूहा जी- मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 9:35 pm

(बाल कविता) दौड़े दौड़े घर में आते ताक झांक करते चूहा जी। न‌ए पुराने सारे कपड़े कुतर कुतर जाते चूहा[...]

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Priti

बचपन – प्रीति कुमारीबचपन – प्रीति कुमारी

0 Comments 9:05 pm

जीवन का वह स्वर्णिम क्षण, जो था नन्हा- मुन्ना बचपन । उस बचपन की कुछ यादें हैं, कुछ प्यारे-प्यारे वादे[...]

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Meera Singh

बाल पहेलियां- मीरा सिंह “मीरा”बाल पहेलियां- मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 9:31 pm

1 देखो दौड़े-दौड़े आएं सभी दिशा में हैं छितराएं कहीं कुछ भी नजर ना आए धुंधली धुंधली सभी दिशाएं।। 2[...]

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Amarnath Trivedi

जुड़ जाओ स्कूल से- अमरनाथ त्रिवेदीजुड़ जाओ स्कूल से- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:36 pm

बैठो न बेकार कभी भी, जुड़ जाओ स्कूल से । छोड़ स्कूल तू कुछ न पाओ , न जीवन को[...]

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Jainendra

बाल कुसुम- जैनेन्द्र प्रसाद रविबाल कुसुम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:28 pm

बागों में कोयल बोले,कौआ बैठा डाल पर, मोर भी मोहित हुआ, मोरनी की चाल पर। मछली को मीन कहें, मगर[...]

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Jainendra

बाल घनाक्षरी -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बाल घनाक्षरी -जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:30 pm

बच्चे करें भागदौड़, जैसे होता घोड़ा दौड़, कोई कीत-कीत कोई, खेलता कबड्डी है। किसी की कमीज ढ़ीली, नया जूता पैंट[...]

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