दोहा – राम किशोर पाठक

 दोहा  – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।। सप्तवर्ण आभा लिए, प्रकट हुए संसार। देख तेज डरकर तिमिर,…

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया

बाल-विवाह – रत्ना प्रिया ब्याह नहीं कोमल कलियों का फूलों-सा खिल जाने दो, बचपन, शिक्षा और यौवन को, मंजिल तो मिल जाने दो ।   वरदानरूप मिला यह जीवन, बने…

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल

मत बाँधों मेरे पंखों को – बिंदु अग्रवाल   मत बाँधों मेरे पँखों को, मुझे उन्मुक्त गगन में उड़ने दो। अभी जरा बचपन है बाकी, मदमस्त पवन सी बहने दो।…