वाह रे इंसान – बैकुंठ बिहारी दूसरों से छल कपट कर, समझता तू खुद को बुद्धिमान, वाह रे इंसानI अपनों[...]
Category: संदेश
एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिकएकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक
एकता के रंग त्योहारों के संग – मो॰ साबिक धर्मो की रक्षा करे संस्कृतियों के साथ चले आपसी समन्वय बनी[...]
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार
ऐ बच्चा, स्कूल जाओ – कार्तिक कुमार ऐ बच्चा, स्कूल जाओ, ज्ञान की ज्योति जलाओ। सुबह उठकर माता-पिता को, प्रणाम[...]
राखी का त्योहार – अश्मजा प्रियदर्शिनीराखी का त्योहार – अश्मजा प्रियदर्शिनी
राखी का त्योहार – अश्मजा प्रियदर्शिनी संस्कृति की है महिमा, कृष्णा बन गए भ्राता, रक्षाबंधन पावन, अनुपम है त्योहार ,[...]
खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार
खेल और योग से स्वस्थ बिहार – कार्तिक कुमार बिहार सरकार की खेल एवं योग पुस्तकों के संदेश पर आधारित[...]
शिक्षा – रंजना कुमारीशिक्षा – रंजना कुमारी
शिक्षा – रंजना कुमारी शिक्षा से अज्ञान को मिटाने चले हैं, ज्ञान का दीप हम जलाने चले हैं, हर[...]
श्रम की महिमा – आशीष अम्बरश्रम की महिमा – आशीष अम्बर
श्रम की महिमा – आशीष अम्बर श्रम से हर मंजिल होती आसान, श्रम से ही तो मानव बनें महान ।[...]
एक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिकाएक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिका
एक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिका एक तस्वीर जो गवाह बनी मेरे अतीत की। दिलाया एहसास जिसने मुझे[...]
चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुरचैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर
चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर प्रकृति से टकराओगे, तो चैन कहां से पाओगे ग़र पेड़ काटते जाओगे,[...]
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]
