एक तस्वीर जो गवाह बनी – रूचिका एक तस्वीर जो गवाह बनी मेरे अतीत की। दिलाया एहसास जिसने मुझे[...]
Category: संदेश
चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुरचैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर
चैन कहां से पाओगे – विजय शंकर ठाकुर प्रकृति से टकराओगे, तो चैन कहां से पाओगे ग़र पेड़ काटते जाओगे,[...]
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार
आध्यात्मिक दुखों का कोई सहारा नहीं – कार्तिक कुमार मन के भीतर उठता दुख, बाहर इसका उपचार नहीं। आध्यात्मिक पीड़ा[...]
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार
मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार
मेरी गुड़िया की शादी है – कार्तिक कुमार मेरी गुड़िया की शादी है, घर में आज खुशी ज्यादा है। गुड़िया[...]
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना- चंद्रवर्त्म वर्णिक छंद गीत – राम किशोर पाठकसर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना- चंद्रवर्त्म वर्णिक छंद गीत – राम किशोर पाठक
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना- चंद्रवर्त्म वर्णिक छंद गीत – राम किशोर पाठक विश्व-बोध नित लेकर सपना। सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना।।[...]
दोस्ती-रूचिकादोस्ती-रूचिका
दोस्ती नही कभी आजमायी जाती, ये तो बस आपस में निभाई जाती। ऊंच नीच का फर्क नही है दोस्ती में[...]
गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकगुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक
गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक २११-२११-२११-२ वेद पुराण सभी कहते। ज्ञान प्रकाश वही गहते।। जो[...]
गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठकगुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक
गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक ज्ञान चक्षु जो खोलते, हरे तमस मन ताप। कर प्रशस्त पथ शिष्य का,[...]
पावस- नील/विशेषक/विश्वगति छंद गीत वर्णिक – राम किशोर पाठकपावस- नील/विशेषक/विश्वगति छंद गीत वर्णिक – राम किशोर पाठक
पावस- नील/विशेषक/विश्वगति छंद गीत वर्णिक – राम किशोर पाठक पावस में जब बूंँद धरा पर है गिरती। तृप्ति सभी कण[...]
