विधा:- रूप घनाक्षरी (अमूल्य इनका मोल) मिला के कदम ताल, कर दिये बुरा हाल, मचा गया हाहाकार,हुई जब कई गोल। विपक्ष को चुभा शूल, कर बैठा कई भूल, अहंकार से…
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टीचर ऑफ द मंथ- श्वेता साक्षी (स्वरा)
Teacher of the month ..shweta sakshi (स्वरा) टीचर ऑफ द मंथ एक अनोखा हुआ है काम…टीचर ऑफ द मंथ गुरुओं का करता सम्मान… टीचर ऑफ द मंथ जो कक्षा…
भीमराव अम्बेडकर – नीतू रानी
भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं पुत्र। गरीब परिवार में लिए अवतार, व्यक्तियों में बन गए वो खास।…
भीमराव अम्बेडकर ” अंतिम विचार:आत्मज्योति की लौ- सुरेश कुमार गौरव
जीवन भर संघर्ष था, पर न रुका विचार। हर पीड़ित के हित रहा, निज मन का सुविचार॥ शोषण की दीवार को, तोड़ा सत्य-विचार। सत्ता-मंचों से कहा,”बस चाहूँ उच्च विचार॥” काया…
महावीर का पावन प्रकाश- सुरेश कुमार गौरव
चमका जैन धरा पर तारा, वीर स्वराज पुकार, अहिंसा का मंत्र सुनाया, बना जगत आधार। त्याग, तपस्या, संयम-शक्ति, जिनका रहा प्रबोध, महावीर ने खोल दिए, आत्मा के सब बोध। राजमहल…
मधुमास का यह प्यार है – अमरनाथ त्रिवेदी
प्रकृति के अनंत गोद में, छाई ऐसी बहार है। मानों जीवंत हो निर्जीव भी, ऐसा मधुमास का यह प्यार है। अनन्तता के बोध में, यह जीवंतता की शान है। मधुमास है…
प्रियवर तब रामायण पढ़ना- संजय कुमार
प्रियवर तब रामायण पढ़ना प्रियवर तुम रामायण पढ़ना दुःख मन को जब व्याकुल करे और राह अंधकार चहुँओर दिखे संबंधों के अनुबंधों में जब आएँ धुंध काले बादल के प्रियवर…
राम नाम है शीर्ष जगत में – अमरनाथ त्रिवेदी
राम नाम है शीर्ष जगत में, यह खुशियों का आगार है। भज ले रे मन मीत मेरे, बिन इसके सब बेकार है। चाहते हैं कुछ अच्छा करना राम नाम पहले…
वसंत की पुकार – अमरनाथ त्रिवेदी
वसंत की खुशबू फिजा में, तैर रही नित शान से। जवाँ दिल बढ़ें चलें, रुकें न अग्नि बाण से। न आदि है न अंत है, वसंत ही वसंत है। पसरी…
हमारे जमाने की ईद- संजय कुमार
बहुत याद आती है ईदें पुरानी नानी और दादी के किस्से कहानी हिन्दू न हम थे न मुसलमान मीनू वो खुशियाँ व मस्ती, सबकी थी साझी मुहल्ले के मस्जिद और…