बचपन – बाल गीत – राम किशोर पाठक

    बच्चे मिलकर जश्न मनाए। धमा चौकड़ी धूम मचाए।। अनुपम हर क्षण है जीवन का। सफर सुहाना है बचपन का।। हरपल प्यारा सबका न्यारा। लेकर खुशियों की यह धारा।।…

बदल देगी वक्त- रूपमाला/मदन छंद- राम किशोर पाठक

सर्व मंगल कामना ले, आज सारे भक्त। आ गयी जब मात घर में, बदल देगी वक्त।। शरद का नवरात्र आया, हर्ष छाया गेह। बाटती है आज माता, हर किसी को…

निःशब्द सौंदर्य – बिंदु अग्रवाल

वह अनुपम अद्वितीय यौवना सिर पर पत्थरों का भार लिए एक हाथ से अपने आँचल को संभालती। हिरनी सी सजल आँखे उसकी विवशता को दर्शाती, सजने सँवरने के दिन, नैन…

शिक्षा सुलभ बनाना- राम किशोर पाठक 

विद्यालय कार्यभार लेकर, हैं खोये। कागज में जैसे उलझ गए, हैं रोये।। शिक्षा के नव अंकुर मन में, जो बोये। चक्रव्यूह में फंँसा हुआ सा, है सोये।। सुधार हमें व्यवस्था…

नव भारत का निर्माण करें – बिंदु अग्रवाल

आओ भारतवासी मिल कर  ज़न-ज़न का आह्वान करें,  नव गति, नव लय, गीत नया हो  नव भारत का निर्माण करें। निर्माण करें हम उस युग का  जिसमें ज़न-ज़न का उत्थान…

विश्व आत्महत्या निवारण दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा

हर वक्त समझना अमूल्य जीवन का मोल, हर स्थिति में तू सदा शुभ सोच, तू शुभ बोल, धैर्य, धर्म, साहस, आत्मबल तू कभी न हार, हर दोष-दुर्बलता पर पराक्रम से…