छल सुयोधन संग लेकर,चल पड़ा दरबार में। माॅंगना है जो नियोजित,शेष अगली बार में।। पास राजा के पहुॅंचकर,चाल वैसी ही[...]
Category: Aasha Ichchha
माँ वर दो-राम किशोर पाठक माँ वर दो-राम किशोर पाठक
शीश नवाऊँ, माता के दर, माँ वर दो। रचना लाऊँ, नित्य नया कर, माँ वर दो।। शरण तुम्हारी, गहने वाले,[...]
आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने[...]
काम का महत्व-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’काम का महत्व-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
सीखाते कुरान-गीता, गुरुजन माता-पिता, हमें ये जीवन नहीं, मिला है आराम को। मजदूर किसानों को मिलता विश्राम नहीं, सुबह सबेरे[...]
सत्य की ज्योति- कार्तिक कुमारसत्य की ज्योति- कार्तिक कुमार
जब सब ओर अंधियारा छा जाए जब झूठ का शोर बढ़ जाए, जब लोग सत्य को मौन कर दें —[...]
तुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरातुम मुझको नारी रहने दो… डॉ स्वराक्षी स्वरा
गीततुम मुझको नारी रहने दोअपनी अधिकारी रहने दो ।। सत्ता का लोभ नहीं मुझकोन दौलत की ही चाहत है पैरों [...]
रामायण – राम किशोर पाठक रामायण – राम किशोर पाठक
आओ चिंतन कर लें थोड़ा, जो खुद गढ़ते हैं। गाथा सुंदर रामायण की, हम-सब पढ़ते हैं।। नारायण होकर जब नर[...]
यूँ ही लम्हें बीत जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदीयूँ ही लम्हें बीत जाएँगे – अमरनाथ त्रिवेदी
यूँ ही लम्हें बीत जाएँगे , न हम रहेंगे न तुम रहोगे फिर अपनी बात कहाँ और किसको कहोगे ? यह अंतहीन सिलसिला [...]
दीपावली का त्योहार – आशीष अम्बरदीपावली का त्योहार – आशीष अम्बर
दीपावली का त्योहार आया, संग में अपने खुशियाँ लाया । रंगोली से घर को सजायेंगे, मिलकर खुशियाँ खूब मनायेंगे ।[...]
ऐ जिंदगी – रश्मि मिश्राऐ जिंदगी – रश्मि मिश्रा
ऐ जिंदगी जिसे तुझे जीना आ गया उसके लिए तू सरल बहुत है ,पर उनके लिए तू कठिन बहुत है,[...]
