बड़े महंगे ख्वाब नहीं मेरे, मैं जिंदगी में सुकून चाहता हूॅं। चमक – धमक की भीड़ नहीं, बस अपना सा[...]
Category: Aasha Ichchha
दिखा जो मीत चुन लेती-एस.के.पूनमदिखा जो मीत चुन लेती-एस.के.पूनम
घनी-सी है चिकुर काली, न भीगे हैं पलक तेरी। गुलाबी रंग गालों का, अधर पर है हँसी मेरी। छिपाई जो[...]
तुम हो तो बसंत है-मनु कुमारीतुम हो तो बसंत है-मनु कुमारी
तुम हो तो बसंत है, वरना मौसम रूठ जाते हैं, तुम्हारी हँसी से पतझर भी गीत गुनगुनाते हैं। तुम्हारा साथ[...]
मेरा नाम गौरव कुमार है-नीतू रानीमेरा नाम गौरव कुमार है-नीतू रानी
मैं हूँ उम्र में आपसे बहुत छोटा, लेकिन मैं हूँ आपसे कुछ मोटा। मैं जाना चाहता हूँ फौज में ,[...]
मैं पतंग हूँ मुझे उड़ने दो आकाश में-नीतू रानीमैं पतंग हूँ मुझे उड़ने दो आकाश में-नीतू रानी
मैं पतंग हूँ मुझे उड़ने दो खुले नीले आकाश में, मेरे पैरों में धागा न बाँधना नही तो गिर जाउंगा[...]
चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ चित्रा छंद – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
शुभ भोर देख कर खग जागे। डाली तरुवर पर से भागे।। विश्वास ध्यान अब है भू पर। खाद्यान्न प्राण भरते[...]
जड़मति-राम किशोर पाठक जड़मति-राम किशोर पाठक
समझ न पाता, मन घबराता। जड़मति हूॅं मैं, कुछ कर माता।। अगर कृपा माँ, कर कुछ दोगी। हर दुविधा को,[...]
जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ जुआ-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
छल सुयोधन संग लेकर,चल पड़ा दरबार में। माॅंगना है जो नियोजित,शेष अगली बार में।। पास राजा के पहुॅंचकर,चाल वैसी ही[...]
माँ वर दो-राम किशोर पाठक माँ वर दो-राम किशोर पाठक
शीश नवाऊँ, माता के दर, माँ वर दो। रचना लाऊँ, नित्य नया कर, माँ वर दो।। शरण तुम्हारी, गहने वाले,[...]
आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ आसरा पास बैठी है – रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने[...]
